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पेट के कीड़े मारने वाली ये दवा कर रही है कोरोना वायरस को ‘किल’, यहां तेजी से ठीक हो रहे मरीज

आइवरमेक्टिन दवा से तेजी से ठीक हो रहे हैं कोरोना के मरीज।
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जबलपुर

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 25 Jul 2020, 4:06 PM IST

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पेट के कीड़े मारने वाली ये दवा कर रही है कोरोना वायरस को 'किल', यहां तेजी से ठीक हो रहे मरीज

जबलपुर/ दुनियाभर में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। एक तरफ जहां कोरोना से निपटने के लिए विशव का लगभग हर देश कोरोना के टीके की खोज में जुटा हुआ है, वहीं इन विज्ञानियों के लिए ये खबर काफी मायने रखती है कि, पेट के कीड़े (कृमि) मारने वाली एक दवा कोरोना वायरस को नष्ट करने में कारगर साबित हो रही है। मध्य प्रदेश के जबलपुर में नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सक बीते दो माह से इस दवा का प्रयोग संक्रमित मरीजों पर कर रहे हैं। अब तक यहां 100 से अधिक मरीजों पर इस दवा का प्रयोग किया जा चुका है, जो 100 फीसदी सफल भी रहा है।

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वेंटिलेटर पर पहुंचने वाले मरीज भी हुए स्वस्थ

ये दवा उन मरीजों को भी दी गई, जो संक्रमण से अधिक ग्रस्त होकर वेंटीलेटर तक जा पहुंचे थे। हैरानी की बात ये है कि, इस दवा की मदद से वेंटिलेटर पर रखे गए मरीज भी स्वस्थ हुए हैं। मेडिकल कॉलेज की ट्रीटमेंट कमेटी की हरी झंडी के बाद इस दवा को कोरोना से संक्रमित हर एक मरीज को देने की तैयारी की जा रही है। चिकित्सकों के मुताबिक, ये दवा (आइवरमेक्टिन) फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) से स्वीकृत है।

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जरूरत के अनुसार खरीदी शुरु

आपको बता दें कि, शहर में कोरोना संक्रमितों के उपचार के दौरान उपयोगी दवाओं की सूची में कुछ दिनों पूर्व आइवरमेक्टिन को शामिल किया गया है। प्रशासन ने भी जरूरत के अनुसार दवा की खरीदी शुरू कर दी है। चिकित्सकों ने बताया कि, कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के दौरान हाई फ्लो ऑक्सीजन, स्टेराइड, विटामिन सी व जिंक दिया जा रहा है। इसके अलावा अन्य लक्षणों के आधार पर दवा की संख्या व मात्रा को सुनिश्चित किया जा रहा है।

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प्रयोग के तौर पर इस्तेमाल की जा रही दवा

मरीजों पर आइवरमेक्टिन दवा का इस्तेमाल ड्रग ट्रायल के तहत नहीं बल्कि प्रयोग के तौर पर किया गया, जिसके बेहतर परिणाम सामने आए हैं। पेट के कीड़े मारने वाली इस दवा को बीते दो महीने में 100 से ज्यादा कोरोना संक्रमितों पर प्रयोग किया गया। वेंटीलेटर पर रखे गए कुछ मरीज भी स्वस्थ हुए हैं। मेडिकल की ट्रीटमेंट कमेटी ने भी दवा को मंजूरी दे दी है। इसके बाद कोरोना के सभी मरीजों को ये दी जाने लगी है।