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अब दुश्मन पर 46 किलोमीटर दूर से हमला करेगी धनुष तोप! उत्पादन की तैयारी में जुटा GCF जबलपुर

Dhanush Howitzer : जबलपुर की गन कैरिज फैक्ट्री (GCF) में तैयार स्वदेशी धनुष तोप के उन्नत संस्करण का 46 किलोमीटर की दूरी तक सफल परीक्षण किया गया है।
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जबलपुर

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 28 Oct 2026, 7:58 PM IST

Dhanush Howitzer

प्रदर्शनी में दिखाई जा रही तोप (फोटो सोर्स: ANI)

Jabalpur News :मध्य प्रदेश के जबलपुर में बनने वाली स्वदेशी तोप की मारक क्षमता बढ़ाने की दिशा में धनुष तोप ने नया मुकाम हासिल कर लिया है। लॉन्ग प्रूफ रेंज (एलपीआर) में धनुष तोप के उन्नत संस्करण ने 46 किलोमीटर की दूरी पर सफल परीक्षण किया गया है। बैरल टेस्टिंग जोन में किए गए इस परीक्षण के बाद अब गन कैरिज फैक्ट्री (जीसीएफ) में इस उन्नत तोप के नियमित उत्पादन आगे बढ़ाया जाएगा।

परीक्षण के दौरान 155 एमएम गुणा 52 कैलिबर वाले नए संस्करण ने पुराने 155 एमएम गुणा 45 कैलिबर मॉडल की 38 किलोमीटर की अधिकतम रेंज को पीछे छोड़ दिया है। ऐसे में ये उन्नत तोप अब भारतीय सेना की नई पसंद के रूप में स्थापित हो रही है।

टेस्टिंग के दौरान किए गए 6 राउंड फायर

परीक्षण के दौरान जोन-छह चार्ज के साथ छह राउंड फायर किए गए। इनमें से पांच राउंड 46 किलोमीटर दूर स्थित 12 मीटर गुणा 12 मीटर के लक्ष्य पर सटीक पड़े, जबकि एक राउंड लक्ष्य से आठ मीटर की दूरी पर गिरा।

2010 से धनुष तोप को आकार दे रहा जबलपुर जीसीएफ

टेस्टिंग के दौरान की गई फायरिंग के बाद बैरल का टैम्प्रेचर 52 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसे सामान्य माना जाता है। इस प्रदर्शन के बाद जीसीएफ में धनुष के उन्नत संस्करण के उत्पादन की दिशा में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। देश की 42 आयुध निर्माणी में से एक जबलपुर की जीसीएफ साल 2010 से धनुष तोप को आकर देती आ रही है।

समय समय पर होता तोप में बदलाव

हालांकि, इस तोप की आधुनिकता को बढ़ाने के लिए समय-समय पर अनेक तकनीकी बदलाव भी किए जाते रहे हैं। अब इसकी मारक क्षमता में बढ़ोतरी निर्माणी की नई तकनीकी टीम की श्रेष्ठ कार्य कुशलता को दर्शाती है। साथ ही, निर्माणी गन में उपयोग होने वाले 90 से 95 फीसदी कलपुर्जे खुद तैयार कर आत्मनिर्भर भारत की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही है।