
तेजी से बढ़ रहे हैं 'साइलेंट हार्ट अटैक' के मामले, इन लक्षणों से करें पहचान
भोपाल/ एक तरफ जहां मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस का दंश तेजी से बढ़ रहा है। वहीं, दूसरी तरफ यहां हार्ट अटैक के मामले भी काफी देखने में आ रहे हैं। इनमें अधिकतर मामले साइलेंट हार्ट अटैक के देखने को मिल रहे हैं, जो अधिकतर मौतों का कारण बन रहा है। साइलेंट हार्ट अटैक आने पर व्यक्ति को इसके बारे में पता भी नहीं लग पाता। आमतौर पर इसके आने पर देखने वाले को लगता है कि, व्यक्ति सो गया है। हालांकि, कई बार साइलेंट हार्ट अटैक आने वाले व्यक्ति की मौत ही चुकी होती है।
क्यों आता है हार्ट अटैक
जब दिल तक खून की आपूर्ति प्रयाप्त मात्रा में नहीं हो पातीतब दिल का दौरा पड़ता है। आमतौर पर खून के किसी थक्के के बीच में आने की वजह से खून दिल तक नहीं पहुंच पाता, इसीलिए सीने में तेज दर्द होता है, लेकिन कई बार दिल का दौरा पड़ने पर दर्द ही नहीं होता। इसी को साइलेंट हार्ट अटैक कहते हैं। हालांकि, कई बार हार्ट अटैक का दर्द बैहद मामूली भी होता है, जिसे पीड़ित गैस्ट्रिक पैन भी समझता रहता है। ज्यादातर मामलों में पीड़ित इसी वजह से समय पर उचित उपचार नहीं ले पाते।
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सीने में दर्द नहीं होता
हालही में हुए एक अध्यन के मुताबिक, दिल के दौरे के 45 फीसदी मामले साइलेंट हार्ट अटैक के हो सकते हैं। हालांकि, शोध के लिए ये आंकड़े 1990 से इकट्ठे किए जा रहे हैं और तब से अब तक दिल के दौरों के निदान में काफी सुधार आया है। इसलिए हो सकता है कि सच्चाई इतनी भयावह न हो, लेकिन अब भी बहुत से ऐसे लोग हैं, जिन्हें पता ही नहीं चल पाता कि उन्हें दिल का दौरा पड़ रहा है।
ऐसा होने पर भी पीड़ित को नहीं होता अंदाजा
कई बार मरीज को जबड़े, गर्दन, बांह, पेट या पीठ में दर्द होता है, सांस लेने में तकलीफ होती है, कमजोरी महसूस होती है, चक्कर आते हैं, पसीना आता है, उल्टियां आती हैं- लेकिन सीने में भयंकर दर्द नहीं होता और वे समझ नहीं पाते कि दरअसल उन्हें दिल से संबंधित कोई मामला है भी या नहीं। हालांकि, इनमें से कोई भी लक्षण नज़र आने पर तुरंत चिकित्सक से सलाह लेना चाहिए।
Published on:
18 Jul 2020, 4:51 PM IST
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