भोपाल

New Covid Variant Eris- कोरोना के नए वैरिएंट ‘एरीस’ से हड़कंप, जानिए ताजा अपडेट

New Covid Variant Eris -एक बार फिर कोरोना के नए वैरिएंट ने बढ़ाई चिंता...। कई देशों में बढ़ने लगा, भारत में भी मिल चुका है वैरिएंट...। मध्यप्रदेश में फिलहाल जीरो केस...।

2 min read
Aug 14, 2023
New Covid Variant Eris

New Covid Variant Eris- मध्यप्रदेश सहित दुनियाभर से खत्म हो चुका कोरोना एक बार फिर पैर पसार रहा है। इसके नए वैरिएंट ने फिर हलचल मचा दी है। दुनिया के कई देश चिंतित होने लगे हैं। 28 दिनों में ही 80 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी करने वाला नया वेरिएंट कितना खतरनाक है और कहां पर क्या स्थिति है आए जानते हैं इस खबर में...।

दुनिया से लगभग खत्म हो चुका कोरोना एक बार फिर सिर उठाने लगा है। बताया जा रहा है कि यह बहुत तेजी से बढ़ने वाला वैरिएंट है और पिछले 28 दिनों में ही 80 फीसदी तक लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। महाराष्ट्र में मई 2023 में इसका एक मामला सामने आ चुका है। वहीं उत्तर प्रदेश में हाल ही में कोरोना से एक मौत होने के बाद पूरे परिवार को आइसोलेट कर दिया गया है।

WHO की चेतावनी

जिस तेजी से ओमिक्रॉन के सब वैरिएंट ईजी.5.1 फैल रहा है, उसे लेकर who भी चिंतित हो गया है। डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी जारी कर कहा है कि नए वैरिएंट से संक्रमितों का आंकड़ा काफी ज्यादा बढ़ सकता है। क्योंकि फिलहाल किसी देश में इसकी टेस्टिंग और मानिटरिंग नहीं की जा रही है, जैसा कि कोरोना के पिछले दौर में सभी देशों में टेस्टिंग और मानिटरिंग सक्रिय रूप से की जा रही थी।

एरीस वैरिएंट आफ इंटरेस्ट घोषित

वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) ने ओमिक्रॉन के सब वैरिएंट इजी.5 या एरीस के बढ़ते प्रकरणों को देख इसे 'वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' कहा गया है। पिछले माह जुलाई में मिले कोरोना के मामलों में 17 फीसदी प्रकरण इसी वैरिएंट के थे। यह जून की तुलना में 7.6 प्रतिशत अधिक थे। हालांकि इस वैरिएंट के सबसे अधिक प्रकरण ब्रिटेन, अमेरिका और चीन में मिल रहे हैं।


क्या है इजी.5 वैरिएंट

एनआईवी-पुणे (नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वायरोलॉजी) के वैज्ञानिक कहते हैं कि नए कोविड वैरिएंट को लेकर सभी चिंतित हैं। इसकी उत्पत्ति xbb1.9 से हुई है। लेकिन, इसका भारत में कोई विशेष असर नहीं है। स्पाइक प्रोटीन में म्यूटेशन के कारण ऐसा लगता है कि अन्य वैरिएंट के मुकाबले यह अधिक संक्रामक है।

कैसे हैं इसके लक्षण

इजी.5.1 नए वैरिएंट के लक्षणों को लेकर कई वैज्ञानिक निगरानी कर रहे हैं। डब्ल्यूएचओ और उससे जुड़े यूकेएचएसए के अधिकारी के मुताबिक अब तक ऐसा सबूत नहीं मिला है कि इजी.5.1 अन्य वैरिएंट की तुलना में ज्यादा गंभीर बीमारी का कारण बन रहा है। अस्पताल में भर्ती होने और मौत का भी खतरा बढ़ रहा है। इस अधिकारी ने कहा है कि ऐसा लगता है कि यह ज्यादा संक्रामक है, लेकिन वैक्सीनेशन वालों को गंभीर स्थिति में नहीं जाने देगा। लेकिन इसके संक्रमित होने से लांग कोविड के मामले भी बढ़ सकते हैं।


मध्यप्रदेश में कोरोना की ताजा स्थिति

मध्यप्रदेश में 13 अगस्त शाम 6 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक पूरे प्रदेश में कोरोना को कोई नया केस नहीं आया है। गौरतलब है कि रिपोर्ट के मुताबिक जब से कोरोना मध्यप्रदेश में आया था, तब से लेकर अब तक 1056351 प्रकरण पॉजीटिव आ चुके हैं। 10786 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। वहीं अब तक कुल 1045565 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। प्रदेश में 1111 फीवर क्लीनिकों में बुखार और सर्दी-खांसी के रोगियों के सेम्पल लिए जाते हैं। 104 और 181 टेलीमेडिसिन सेवा के जरिए भी उपचार लिया जा सकता है।

Updated on:
14 Aug 2023 02:13 pm
Published on:
14 Aug 2023 02:12 pm
Also Read
View All

अगली खबर