
आपके मोबाइल फोन पर आया वन टाइम पासवर्ड और ग्राहक बैंक टिकट से पैसे निकालने का फार्मूला पुराना हो गया है। साइबर धोखाधड़ी करने वाले अब रॉन्ग नंबर डायल कर आपकी आवाज भी चोरी कर रहे हैं। सुनने में अजीब लगे, लेकिन यही सच है। आपकी आवाज की नकली सेंपल बना कर आप के रिश्तेदारों को कॅाल करके बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करवाए जा रहे हैं। खंडवा में ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां बेटी की नकली आवाज बनाकर उसके पिता के खाते से 50 हजार रुपए की ठगी कर ली गई।
साइबर सेल की अपील
भोपाल साइबर सेल ने सभी नागरिकों से भी अपील की है कि अगर उन्हें किसी भी प्रकार के अननोन नंबर या फिर अपने जाने पहचान वाले का इमरजेंसी में पैसे मागने का कॅाल आता है तो पहले अपने घर वाले से इस पर बात जरूर कर लें। इसे नजरअदाज नहीं करें और इसकी जानकारी साइबर सेल को दें।
साइबर पुलिस ने लोगों को सलाह दी कि वे अननोन नंबरों से आने वाले कॉल से सतर्क रहें धोखे से बचने का अच्छा तरीका है कि वॅाइस चेट और कमांड ऐप का यूज करते समय सावधान रहें।
अगर इमरजेंसी के नाम पर मदद के लिए कॉल आए तो एक बार अपने रिश्तेदारों से इस बात कर इसकी पुष्टि जरूर कर लें। सहायता के लिए साइबर सेल में संपर्क करें।
यदि किसी के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो तुरंत पीड़ित को 1930 नंबर डायल करना चाहिए। इस बात का ध्यान रखे कि जिस नंबर से कॉल कर रहे हैं वह आपके UPI ID या बैंक अकाउंट से लिंक होना चाहिए। यह नंबर सिटिजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़ा है। इस नंबर पर फ्रॉड से जुड़ी जानकारियां मांगी जाती है।
- फ्रॉड की पूरी जानकारी देनी है।
- घटना का सही समय बताना है।
- आपके बैंक का नाम-पता और जिस बैंक या ई-वॉलेट (PhonePe, Google Pay, PatTM Etc) में पैसा ट्रांसफर हुआ है।
- इसके बाद कार्रवाई होगी और जल्द आपका पैसा मिल जाएगा।
Updated on:
29 Mar 2024 01:47 pm
Published on:
29 Mar 2024 01:46 pm

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