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अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन पर होगी नृत्य नाटिका

कलांधिका नृत्य नाट्य संस्था समिति शहीद भवन में करेगी प्रस्तुति, बचपन से राजनीतिक सफर तक पर होगा शो  

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Atal Bihari Vajpayee

जब अटलजी के कहने पर पूरी भाजपा हो गई थी सुशील के साथ,राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने खुद किया प्रचार

भोपाल। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पर कलांधिका नृत्य नाट्य संस्था ने एक नृत्य नाटिका तैयार की है। जल्द ही इसकी प्रस्तुति शहीद भवन में की जाएगी। इस नृत्य नाटिका में अटल जी के बचपन से राजनीतिक सफर के दृश्य दिखाई देंगे। सवा घंटे की नृत्य नाटिका आओ मन की गांठें खोलें में दस सीन्स के जरिए पचास कलाकार ये प्रस्तुति देंगे।
इस नाटिका का लेखन मनीष जोशी, निर्देशन डॉ. राखी दुबे, नृत्य संयोजन सूरज शर्मा और संगीत निर्देशन श्रीधर नागराज ने किया है। सूरज के अनुसार यह नृत्य नाटिका अटल जी द्वारा लिखित कवितायों पर आधारित है, जिसमें आओ मन की गांठें खोलें, मौत से ठन गई, कदम मिलाकर चलना होगा, जंग न होने देंगे कविताओं को गीत में संजोया गया है और नृत्य और अभिनय से इस नृत्य नाटिका को रचा गया है।

वाजपेयी जी की कविताओं पर शुद्ध कथक और शुद्ध भरतनाट्यम शास्त्रीय नृत्य के साथ-साथ लोकनृत्य छाऊ, बधाई और वेस्टर्न में कंटेम्पररी, हिप हॉप, बी बोइंग स्टंट का संयोजन कर नृत्य तैयार किया है, साथ ही कुछ कविताओं को शास्त्रीय, तो कुछ को पश्चिम शैली में गाया गया है। नृत्य नाटिका में कविताओं पर डांस के रूप में अटल जी की जीवनी दिखाने का प्रयास किया जा रहा हैं जिसमें सेंटर में एक कलाकार अटल बिहारी के रूप में बैठा है, जो अटल जी के जीवन की पूरी कहानी, उनके राजनैतिक उतार चढ़ाव, एक कवि और एक पत्रकार के रूप में अटल जी के व्यक् ितत्व को बयां करता है। इस कलाकार के चरो और स्टूडेंट्स अपनी प्रस्तुति देते हैं।

उन्होंने कश्मीर को लेकर भी एक कविता लिखी थी। इसे भी नृत्य नाटिका में एक सीन के माध्यम से शामिल किया गया है। वहीं एपेजी अब्दूल कलाम और अटल बिहारी वाजपेयी के रिश्ते और अध्यापक से उनके संवादों को भी नृत्य के माध्यम से शामिल किया जाएगा। कलांधिका पिछले साल भी अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन व कृतित्व पर एक नृत्य नाटिका का आयोजन शहीद भवन में कर चुका है।