30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नई पॉलिसी… अब स्कूल वैन में गैस किट लगाने वाले मैकेनिक-डीलर पर लगेगी रासुका

बच्चों की जान से खिलवाड़ पर सख्ती की तैयारी

2 min read
Google source verification
School Van

school van,School Van,school van

भोपाल. नई स्कूल वैन पॉलिसी में परिवहन विभाग ने गैस किट से स्कूल वाहन चलाने वालों के खिलाफ पहले से ज्यादा सख्ती का प्रस्ताव तैयार किया है। अब स्कूल गैस किट से वैन चलाने वाले चालक के साथ ही गैस किट लगाने वाले मैकेनिक और किट विक्रेता पर रासुका लगाई जाएगी। संभागीय परिवहन कार्यालय ने प्रस्ताव शासन के पास भेजा है। प्रदेश में एक नवंबर से नई स्कूल वैन पॉलिसी को लागू किया है। इसमें स्कूल वाहनों में गैस किट का इस्तेमाल पूरी तरह से प्रतिबंधित है। उल्लेखनीय है कि आरटीओ एवं पुलिस महकमे की पड़ताल में स्कूल वैन चालक खुलेआम गैस किट से वाहन चलाते पकड़े गए थे। विभाग जुर्माना और वाहन जब्त के अलावा दंडात्मक सख्ती की तैयारी में है। इस मामले में आरटीओ संजय तिवारी का कहना है कि गैस किट से चलने वाले स्कूल वाहनों के खिलाफ प्रतिदिन कार्रवाई की जा रही है। प्रतिबंधात्मक आदेश जारी हो चुके हैं, रासुका लगने से इन पर नियंत्रण किया जा सकेगा।

नए नियमों के तहत ये हैं प्रावधान
12 सीटर एवं इससे अधिक क्षमता के वाहनों को ही स्कूल बस परमिट जारी किए जाएंगे। स्कूल बसों के संचालन के मामले में स्कूल प्रबंधन सहित अभिभावकों के लिए भी अधिकार एवं कर्तव्य तय किए हैं। प्रबंधन अब अटैच बसों के परिचालन के लिए जिम्मेदार रहेंगे। अभिभावकों को स्कूल बसों की निगरानी के लिए समिति बनाने की जवाबदेही सौंपी जाएगी। समिति स्कूल बसों के बारे में आपत्तियों की रिपोर्ट कलेक्टर को भेजेगी। मैजिक एवं आपे को स्कूल वाहन बनाने के मामलों में साफ किया गया है कि इनमें 12 बच्चों के बैठने की जगह होनी चाहिए।

नियमों से करते हैं खिलवाड़
स्कूल वैन में गैस किट लगी होने से हादसे का अंदेशा बना रहता है, फिर भी वैन संचालक नियमों का दरकिनार करते हुए मासूम बच्चों की जान से खिलवाड़ करते हैं। कई बार तो ऐसे नजारे भी देखने मिल जाते हैं कि वैन संचालक ज्यादा कमाई के चक्कर में अधिक बच्चों को वैन में भर लेते हैं और ऐसे में मासूम बच्चे गैस किट पर ही बैठने को मजबूर हो जाते हैं।

Story Loader