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डायबिटीज का ऐसा उपचार जो आप घर पर ही कर सकते हैं,आयुर्वेदिक घरेलू इलाज

डायबिटीज और इसकी जटिलताओं से ऐसे पाएं निजाद!

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डायबिटीज का ऐसा उपचार जो आप घर पर ही कर सकते हैं,आयुर्वेदिक घरेलू इलाज

भोपाल। अनियमित दिनचर्या और बदलते खानपान के चलते मध्यप्रदेश सहित देश विदेश में डायबिटीज तेजी से बढ़ रही है। ऐस में आजकल डायबिटीज यानि मधुमेह की बीमारी आम बीमारी बनती जा रही है।

जानकारों की माने तो डायबिटीज भारत में करीब 6 करोड़ से भी अधिक लोगों को है और अगले कुछ सालों में यह ओर तेजी से बढ़ते हुए 10 करोड़ लोगों को भी पार कर जाएंगी।
यहां तक कहा जाता है कि इस बीमारी और इसकी जटिलताओं के चलते हर दो मिनट में एक मौत हो रही है…

इसकी जटिलताओं के चलते किसी की किडनी तो किसी का लीवर ख़राब हो रहा है, वहीं इसके अलावा किसी को ब्रेन हेमारेज हो रहा है, तो किसी को पैरालाईसीस हो रहा है।

इतना ही नहीं ब्रेन स्ट्रोक से लेकर कार्डियक अरेस्ट तक इसकी जटिलताओं से हो रहा है, जबकि किसी को हार्ट अटैक आ रहा है। इसकी जटिलताएं complications बहुत होने के साथ ही खतरनाक भी है।

डायबिटीज का जोरदार घरेलू उपचार... diabetes Complications and its Treatment


डॉ. राजकुमार के अनुसार आयुर्वेद की एक दवा को जिसे आप घर में भी बना सकते हैं, आपकी काफी मदद करती है..

दवा बनाने की विधि...
इन सबको धुप मे सुखाने के बाद पत्थर में पीसकर या यूं कहें घिसकर पाउडर बना लें साथ ही इन्हें आपस में मिला भी लें, अब इस औषधि को अपने पास किसी साफ डिब्बे में रख लें...

औषधि सेवन का तरीका : सुबह नाश्ता करने से एक घंटे पहले इस औषधि की एक चम्मच गरम पानी के साथ ले लें, फिर शाम को खाना खाने से एक घंटे पहले ले लें। यानि सुबह शाम एक एक चम्मच पाउडर खाना खाने से पहले गरम पानी के साथ आपको लेना है।
जानकारों का तो यहां तक कहना है कि यदि ऐसे ही आपने डेढ़ से दो माह इस दवा को ले लिया और साथ में प्राणायाम कर लिया तो आपकी डाईबेटिस बिलकुल ठीक हो जाएगी।

इस दवा पर कितना आता है खर्चा...
ये औषधि बनाने मे 20 से 25 रूपया खर्च आएगा और ये औषधि तिन महिना तक चलेगी और उतने दिनों मे आपकी सुगर ठीक हो जाएगी।

ये भी हैं कारण...
जानकारों के अनुसार जिन लोगों को अधिक चिंता, मोह, लालच, तनाव रहते हैं, उन लोगों को मधुमेह की बीमारी अधिक होती है। डायबिटीज में शुरू में तो भूख बहुत लगती है। लेकिन धीरे-धीरे भूख कम हो जाती है। शरीर सुखने लगता है, कब्ज की शिकायत रहने लगती है।

अधिक पेशाब आना और पेशाब में चीनी आना शुरू हो जाती है और रोगी का वजन कम होता जाता है। शरीर में कहीं भी जख्म/घाव होने पर वह जल्दी नहीं भरता। तो ऐसी स्थिति मे हमें क्या करना चाहिए। इस संबंध में डॉ. राजकुमार कहते हैं कि स्थिति में मजबूरन ही इन्सुलिन लें, पर इस पर ज्यादा निर्भर न करें। वहीं कुछ जानकार तो यहां तक कहते हैं कि इन्सुलिन डायबिटीज से भी जादा खतरनाक है, साइड इफेक्ट्स बहुत हैं।

इन बातों का खास ध्यान रखें :
1. शुगर के रोगी ऐसी चीजें ज्यादा खाए जिसमें फाइबर हों यानि रेशे ज्यादा हों, High Fiber Low Fat Diet। वहीं घी,तेल वाली डायेट कम हो। इसके साथ ही वे सब्जियां जिनमें रेशे हैं वो खाएं, दाल जो छिलके वाली हो वो खाए, मोटा अनाज ज्यादा खाएं, फल ऐसे खाएं जिनमें रेशा बहुत हो।

2. चीनी कभी ना खाए, डाबीटिज की बीमारी को ठीक होने मे चीनी सबसे बड़ी रुकावट है, लेकिन आप गुड़ खा सकते है|

3. दूध और दूध से बनी कोई भी चीज नहीं खाएं।

4. प्रेशर कुकर और अलुमिनम के बर्तन में बना खाना न खाएं।

5. रात का खाना सूर्यास्त से पहले कर लें।

यह भी माना जाता है कि जो डाइबिटिस आनुवंशिक होती है, वो कभी पूरी ठीक नहीं होती। यानि उसे सिर्फ कंट्रोल किया जा सकता है, उनको ये दवा पूरी जिन्दगी खानी पड़ेगी पर जिनको आनुवंशिक नहीं है जानकारों के अनुसार उनकी पूरी तरह से ठीक हो जाती है।

आयुर्वेद के डॉक्टर राजकुमार के अनुसार जब किसी व्यक्ति को डायबिटीज यानि मधुमेह की बीमारी होती है। तो इसका मतलब है वह व्यक्ति दिन भर में जितनी भी मीठी चीजें खाता है (चीनी, मिठाई, शक्कर, गुड़ आदि) वह ठीक प्रकार से नहीं पचती अर्थात उस व्यक्ति का अग्नाशय उचित मात्रा में उन चीजों से इन्सुलिन नहीं बना पाता, इसलिये वह चीनी तत्व मूत्र के साथ सीधा निकलता है। इसे पेशाब में शुगर आना भी कहते हैं।

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