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वोटबैंक की राजनीति में उलझा बड़ा मुद्दा, राजधानी से मार्केट हटाने का दिया जा रहा आश्वासन

दो तरफा वादों में उलझा मुद्दा, राजधानी के बीच से टिंबर मार्केट हटाने का शहर को दिया जाता रहा आश्वासन

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वोटबैंक की राजनीति में दो तरफा वादों में उलझा मुद्दा, मार्केट हटाने को दिया जा रहा आश्वासन

भोपाल. @हर्ष पचौरी की रिपोर्ट..

बोगदा पुल से बरखेड़ी-पातरा होते हुए भोपाल टॉकीज तक की सडक़ के दोनों ओर आरा मशीनों से उड़ता बुरादा। मुख्य मार्ग पर लोडिंग वाहनों के जमघट से दिन में कई बार लगने वाला जाम बड़ी आबादी के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। राजधानी की तीन विधानसभा क्षेत्रों में फैले टिंबर बाजार को आबादी से दूर शिफ्ट करने की घोषणाएं तो गाहे-बगाहे की जाती हैं, पर पूरा नहीं किया जाता।

भोपाल टिंबर मर्चेंट्स एंड सॉ मिल ऑनर्स के अध्यक्ष बदर आलम बताते हैं कि हमें भी जनता की फिक्र है, लेकिन कोई हमारी भी तो सुने। सैयद अंजुम हुसैन ने कहा कि पुल बोगदा, पातरा, भारत टॉकीज कबाडख़ाना क्षेत्र में 80 आरा मशीनों से दस हजार लोगों को रोजगार मिला है। इसके बाद भी आरा मशीन मालिक सरकार से शिफ्टिंग की बात कह रहे हैं।

शिफ्टिंग की बात पर मोहम्मद शफीक, फारूख अनीस और फिरोज ने बताया कि इस मसले पर पूर्व कलेक्टर निकुंज श्रीवास्तव, निशांत बरवड़े ने कुछ मदद की और अचारपुरा के आगे चांदबड़ में 30 एकड़ जमीन आरक्षित करवाई। दो साल हो गए हैं, लेकिन पहाड़ी जमीन को समतल तक नहीं किया गया है। राशिद जफर खान बताते हैं कि संभागायुक्त कविंद्र कियावत से इस पर बात हुई थी, लेकिन कुछ होता इससे पहले ही आचार संहिता लग गई।

आरा मशीन संचालकों का कहना है कि तीन विधानसभा
क्षेत्रों के अंतर्गत आरा मशीन का संचालन एवं लकड़ी का कारोबार होता, पर मौजूदा विधायक आरिफ अकील, विश्वास सारंग, सुरेंद्रनाथ सिंह ने सुध नहीं ली। केंद्र सरकार ने शिफ्टिंग के लिए उद्योग विभाग को 10 करोड़ रुपए दिए हैं, पर इस राशि का क्या हुआ अभी तक किसी को कुछ नहीं पता।

80 आरा मशीनें, दस हजार से ज्यादा लोग
80 आरा मशीन एवं टिंबर का कारोबार पुल बोगदा से कबाडख़ाने तक दस किमी के दायरे में फैला है। इससे 10 हजार से ज्यादा लोग जुड़े हैं। पातरा नाले के दोनों ओर लकड़ी के कारखाने हैं, इनसे उडऩे वाला बुरादा लोगों की सेहत खराब कर रहा है। एक सर्वे कहता है कि पुराने शहर के तीस फीसदी लोगों को इस कारण श्वांस संबंधी शिकायतें हैं। घनी आबादी के बीच मौजूद लकड़ी के टाल से हादसों की आशंका बनी रहती है।

यूपीए शासनकाल में आरा मशीनों को शहर से बाहर करने की योजना बनी थी। प्रदेश सरकार इस मामले में बिल्कुल गंभीर नहीं है।
कैलाश मिश्रा, कांग्रेस, जिलाध्यक्ष

टिंबर मार्केट चुनाव बाद आचारपुरा में शिफ्ट हो जाएगा। कलेक्टर से बात हो चुकी है और जमीन भी आरक्षित करवाई जा चुकी है।
आलोक शर्मा, महापौर