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मम्मी-पापा मैंने जिंदगी में बहुत सारी गलतियां की हैं, मुझे माफ कर देना और बहनों का खयाल रखना

इंद्रपुरी पिपलानी में किराए के कमरे में फांसी लगा कर खुदकुशी...

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मम्मी-पापा मैंने जिंदगी में बहुत सारी गलतियां की हैं,मुझे माफ कर देना और बहनों का खयाल रखना

भोपाल। मैंने जिंदगी में बहुत सारी गलतियां की हैं। मम्मी-पापा मुझे माफ कर देना और बहनों का खयाल रखना। इतने समय में मैं जो कुछ करना चाहता था, वह नहीं कर पाया हूं।

दोस्तों तुम लोगों से भी माफी चाहता हूं और दुनिया छोड़कर जा रहा हूं। यह मजमून उस सुसाइड नोट का हैं, जो भेल में अप्रेटिंस कर रहे युवक ने खुदकुशी करने से पूर्व लिखा था। पुलिस ने सुसाइड नोट को जब्त कर लिया है। खुदकुशी के कारणों की वजह सामने नहीं आई है। यह घटना पिपलानी थाना क्षेत्र की है।

थाना प्रभारी राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि सूरज पाटिल (28) पुत्र पुरुषोत्तम पाटिल बी सेक्टर इंद्रपुरी पिपलानी में किराए से रहता था। वह मूलत: छिंदवाड़ा जिले के पांढुर्ना का रहने वाला था। सूरज तीन बहनों के बीच अकेला भाई था। उसके पिता गांव में ही खेती किसानी करते हैं।

आईटीआई करने के बाद वह भेल कारखाने से अप्रेंटिस कर रहा था। सूरज यहां अपने रूम पार्टनर हेमराज साहू और अन्य दो दोस्तों के साथ किराए से रहता था। हेमराज मुलताई जिला बैतूल का रहने वाला है।

वह भी भेल से अप्रेंटिस कर रहा है। बुधवार की शाम करीब 6 बजे हेमराज कमरे पर पहुंचा तो सूरज फांसी पर लटका मिला। शोर मचाने पर मकान मालिक भी आ गए। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बरामद कर पंचनामा बनाया और लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मृतक के पास से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने मम्मी-पापा और दोस्तों से माफी मांगने के साथ बहनों का खयाल रखने की बात लिखी है। हालांकि, फांसी लगाने के कारणों का खुलासा सुसाइड नोट में नहीं किया गया है।

परिजनों के बयान होने के बाद ही खुदकुशी के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। सुसाइड नोट को जांच में शामिल किया गया है। इसके साथ ही उसके मोबाइल फोन की भी जांच की जा रही है।

इधर, साथी को बाहर भेज युवक ने लगाई फांसी
वहीं एक दूसरी घटना में भोपाल में एक फर्नीचर की दुकान पर काम करने वाले युवक ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। फांसी लगाने से पूर्व उसने अपने साथी कर्मचारी को शो-रूम से बाहर भेज दिया था।

अयोध्यानगर पुलिस के मुताबिक सतीश पाल (45) हर्षवर्धन नगर में रहता था। वह मीनाल गेट के पास एक शोरूम पर फर्नीचर बनाने का काम करता था। सतीश के अलावा एक अन्य कर्मचारी मोहन लोधी वहां मौजूद थे। सतीश ने पहले मोहन को किसी बहाने से शोरूम से बाहर भेज दिया और फंदे पर झूल गया।

कुछ देर बार भरत शुक्ला शोरूम पर पहुंचा तो उसे दोनों कर्मचारी नहीं दिखे। साथ ही शोरूम के अंदर बने कमरे का दरवाजा बंद था। काफी देर तक खटखटाने पर भी दरवाजा नहीं खुला तो दरवाजा तोड़ दिया गया।

भरत ने अंदर जाकर देखा तो सतीश पाल फांसी पर लटका हुआ था। उसने पंखे से रस्सी बांधकर फंदा लगा लिया था। तलाशी में पुलिस को वहां से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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