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इटीएस मशीन ने खेत से निकाल दिया नाला, सुधार के लिए अब कलेक्टर कार्यालय तक चक्कर

भोपाल.जमीन की नाप की अत्याधुनिक तकनीक इलेक्ट्रॉनिक टोटल स्टेशन मशीन की वजह से जिले के कई भू स्वामी परेशान है। दौहाया गांव के महेंद्रसिंह, जितेंद्रसिंह, खुशीलाल तो परेशानी दूर करने इन दिनों कलेक्टर कार्यालय के ही चक्कर लगा रहे हैं। दरअसल इटीएस मशीन से हुए सीमांकन में सरकारी नाला इनकी जमीन से निकाल दिया गया। […]

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भोपाल.
जमीन की नाप की अत्याधुनिक तकनीक इलेक्ट्रॉनिक टोटल स्टेशन मशीन की वजह से जिले के कई भू स्वामी परेशान है। दौहाया गांव के महेंद्रसिंह, जितेंद्रसिंह, खुशीलाल तो परेशानी दूर करने इन दिनों कलेक्टर कार्यालय के ही चक्कर लगा रहे हैं। दरअसल इटीएस मशीन से हुए सीमांकन में सरकारी नाला इनकी जमीन से निकाल दिया गया। करीब डेढ़ एकड़ जमीन दूसरे के खाते में चली गई।

निजी एजेंसी को नपती का ठेका, मिलीभगत की आशंका

  • नपती का काम निजी एजेंसी के जिम्मे किया हुआ है। मशीन से पटवारी की उपस्थिति में वे नपती पूरी करते हैं। जिन भू स्वामियों को जमीन की नपती में गड़बड़ी की शिकायत है, वे नपती में मिलीभगत की आशंका जता रहे हैं। कुछ भू स्वामी तो मशीन की नपती को हाइकोर्ट तक भी ले गए।

लेजर, प्रिज्म तकनीक का उपयोग

  • इटीएस मशीन से नपती में लेजर, प्रिज्म तकनीक का उपयोग किया जाता है। यह दूरी, कोण और ऊंचाई मापने के साथ-साथ डेटा को डिजिटल रूप में स्टोर करती है। इसके मुख्य भागों में एक इलेक्ट्रॉनिक थीओडोलाइट (कोण मापने के लिए) और डिस्टोमीटर (दूरी मापने के लिए) शामिल होते हैं। मशीन से लेजर बीम भेजा जाता है, जो प्रिज्म से परावर्तित होकर लौटता है।कोट्समामले में शिकायत आई है। इसे दिखवाया जा रहा है। तकनीकी गलती होगी तो दुरूस्त करेंगे।
  • कौशलेंद्र विक्रमसिंह, कलेक्टर
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