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हाईपॉवर कमेटी पर आपत्ति : शिवराज सिंह ने केंद्रीय मंत्रियों को लिखे पत्र

शिवराज सिंह चौहान ने दो केन्द्रीय मंत्रियों को आखिरकार लिख ही दी चिट्ठी.. आई सामने.. देखें क्या और किसे लिखा!

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हाईपॉवर कमेटी पर आपत्ति : शिवराज सिंह ने केंद्रीय मंत्रियों को लिखे पत्र

भोपाल। मध्यप्रदेश को बासमती का जीआई-टैग देने के मामले में अध्ययन के लिए गठित नेशनल हाईपॉवर कमेटी पर बवाल मच गया है। कमेटी से पंजाब और एपीडा को बाहर करने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दो केंद्रीय मंत्रियों को चिठ्ठियां लिखी हैं। सीएम ने साफ लिखा कि पंजाब और एपिडा ने मप्र के दावे को नकारा है। इन दोनों को बासमती पर अनुशंसा देने वाली कमेटी में नहीं रखा जाना चाहिए। सीएम ने सीधे तौर पर इस कमेटी को भंग कर नई कमेटी बनाने के लिए कहा है। पत्रिका ने 19 मई के अंक में कमेटी गठन का खुलासा किया था।

पहली चिट्ठी... राधामोहन सिंह के नाम

केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह के नाम चिठ्ठी में सीएम ने लिखा है, पंजाब खुले तौर पर मध्यप्रदेश को बासमती जीआई-टैग का विरोध करता रहा है, लेकिन हाईपॉवर कमेटी में पंजाब यूनिवर्सिटी के कुलपति शामिल हैं। नई कमेटी 60 दिन में अनुशंसा रिपोर्ट दे। कुलपति के लिए यह संभव नहीं रहेगा कि मप्र के पक्ष में अनुशंसा दें। इसकी जगह ऐसी कमेटी बने, जिसमें जीआई-टैग वाला कोई राज्य न हो। मप्र भी न हो। इनकी बजाए तटस्थ राज्यों के प्रतिनिधि शामिल रहें। नई कमेटी 60 दिन में अनुशंसा रिपोर्ट दे।

दूसरी चिट्ठी... सुरेश प्रभु के नाम

दूसरी चिठ्ठी मुख्यमंत्री ने वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु को लिखी है। इसमें लिखा कि आपने आश्वासन दिया था कि बासमती मुद्दे पर मध्यप्रदेश के साथ न्याय नहीं होगा। इसलिए इस मामले में संबंधितों को निर्देश दें कि नियमानुसार कार्रवाई करें।

विस चुनाव की जिम्मेदारियों पर अहम निर्णय जल्द

भाजपा कोर ग्रुप और चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक 23 मई को शाम 6 बजे सीएम हाउस में होगी। इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अनिल जैन भी मौजूद रहेंगे। केंद्रीय मंत्री और चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक नरेंद्र सिंह तोमर ने शनिवार कोसीएम हाउस पहुंच कर इस मामले में मुख्यमंत्री के साथ मंत्रणा की। सूत्रों के मुताबिक चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक में चुनाव को लेकर वरिष्ठ नेताओं को अहम जिम्मेदारी देने का निर्णय हो सकता है। इसमें घोषणा पत्र, बड़े नेताओं के दौरे, सभाओं को लेकर पार्टी जिम्मेदारी बांट सकती है। टिकट को लेकर कराए प्रारंभिक सर्वे को लेकर भी बैठक में चर्चा हो सकती है।