
खाली पड़े मकानों के फर्जी कागजों से करवा देते थे रजिस्ट्री, दो गिरफ्तार
भोपाल. शहर के सुनसान इलाकों में खाली पड़े मकानों के जाली दस्तावेज तैयार कर इन्हें बेच कर चंपत होने वाले एक गिरोह के दो लोगों को कमला नगर पुलिस ने शुक्रवार को धर दबोचा। थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि शहर के अलग-अलग थानों में फर्जी तरीके से कूट रचित दस्तावेज तैयार कर रजिस्ट्री कराने की शिकायतें दर्ज की गई थी। मामलों की पड़ताल के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर शुक्रवार को विजय विश्वकर्मा एवं अंजना सिंह को गिरफ्तार किया गया है।
थाना प्रभारी सिंह ने बताया कि महिला ने अपने पति का मृत्यु प्रमाण-पत्र फर्जी तरीके से बनाकर कई जगहों से लोन ले रखा था एवं कई लोगों के मकानों की रजिस्ट्री कराने के लिए कोर्ट में काम करने वाले बर्खास्त हो चुके कर्मचारी विजय विश्वकर्मा की सहायता से दस्तावेज भी तैयार करवाए थे। इनके गिरोह में छह लोग और हैं, जिनकी गिरफ्तारियां पिछले कुछ दिनों में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई हैं। उन्होंने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि शहर के सुनसान क्षेत्रों में मौजूद खाली पड़े मकानों की रैकी करने के बाद खसरे की नकल निकालकर जाली दस्तावेज तैयार कर लिए जाते थे, जो देखने में असली जैसे लगते थे।
और भी हो सकते हैं मामले
इन दस्तावेजों के आधार पर क्रेता एवं विके्रता आपस में एग्रीमेंट कर लेते थे एवं पैसों का लेन-देन होने के बाद रजिस्ट्री कार्यालय में जाकर इकरारनामा के आधार पर संपत्ति का रजिस्ट्रेशन करा दिया जाता था। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों से मिली सूचना के आधार पर शहर के अन्य थाना क्षेत्रों को भी जरूरी सूचनाएं दी जा रही हैं, ताकि उनके क्षेत्र में कोई फर्जी रजिस्ट्री हो तो पतासाजी कर प्रकरण तैयार किए जा सके।
आरटीआई का काम करता था आरोपी
पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि जाली दस्तावेज तैयार करने वाला आरोपी विजय विश्वकर्मा पहले कोर्ट में नौकरी करता था, लेकिन खराब आचरण की वजह से उसे बर्खास्त कर दिया गया था। बाद में आरोपी ने आरटीआई एक्टिविस्ट के रूप में काम करना शुरू किया था और कई लोगों को डरा धमकाकर रकम वसूली जैसे अपराध भी कर चुका है, जिसमें उसकी गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
Updated on:
11 Jul 2020 02:33 am
Published on:
11 Jul 2020 02:33 am
