
भोपाल। मध्यप्रदेश में एक बार फिर बंद का डर लोगों को सता रहा है। 2 अप्रैल को हुए बंद में हुई हिंसक घटनाओं से खौफजदा लोग एक बार फिर बंद की आशंका के चलते परेशान हो उठे हैं।
दरअसल प्रदेश में एक बार फिर किसान बंद के मूड में आ गए हैं। जिसके चलते लोगों में सब्जियों,दूध आदि की किल्लत को लेकर डर बना हुआ है। वहीं पूर्व में भी किसानों के बंद के दौरान हुई प्रदेश के कुछ जिलों में हिंसक वारदातें भी आम आदमी को डरा रहीं हैं।
जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा 'कक्का जी' ने कहा कि एक से 10 जून तक 'ग्राम बंद होगा। इस दौरान गांव का कोई मजदूर किसान शहर नहीं आएगा। गांव में पैदा होने वाली सभी वस्तुओं फल, दूध, सब्जी, सभी प्रकार के अनाज इत्यादि शहर नहीं जाएंगे। यह बात उन्होंने मंगलवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहीं।
ये गिनाए कारण...
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 2017 की 10,11 और 12 जनवरी को भोपाल में देशभर के 50 गैर राजनैतिक किसान संगठनों ने दो राष्ट्रीय प्रस्ताव पास किए थे। इसमें किसानों की कर्ज मुक्ति और पूरा दाम, स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया जाए। लेकिन ये मांगे पूरी नहीं हुई।
इन दो मांगों को लेकर पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी जून माह में ग्राम बंद का आह्वान किया गया है। राष्ट्रीय किसान महासंघ के प्रस्ताव पर देशभर के 90 गैर राजनैतिक किसान संगठन मिलकर ग्राम बंद का आयोजन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस ग्राम बंद के दौरान 6 जून को श्रृद्धांजलि सभा और मृत किसानों की आत्मशांति के लिए हवन आदि किए जाएंगे।
ज्ञात हो कि पिछली 6 जून को मंदसौर में किसानों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहीं एक अन्य सवाल पर उन्होंने कहा कि आमजन किसान के साथ हैं, इसलिए ग्राम बंद में वे भी सहयोग करेंगे। इस बंद से किसी को कोई परेशानी नहीं होगी।
डरे हुए हैं लोग...
वहीं एमपी में एक बार फिर किसान आंदोलन भड़कने की संभावना के चलते लोगों में खौफ बना हुआ है। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा 'कक्का जी ने एक से दस जून तक 'ग्राम बंद का ऐलान किया है।
ये लगाए आरोप
भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों को उचित दाम नही मिल रहे हैं, किसान कर्ज के कारण आत्महत्या करने को मजबूर हो रहा है, लेकिन इन सब के बावजूद सरकार किसानों की तरफ ध्यान नही दे रही है। किसानों के साथ घोषणाओं और योजनाओं के नाम पर छलावा किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसान कभी किसी सरकार के एजेंडे में रहा ही नहीं है। कभी कोई सरकार किसान के प्रति गंभीर नहीं रही है। 2013 से लेकर 2016 तक 22 पूंजीपतियों का 17 लाख 15 हजार करोड़ का कर माफ किया। सरकार अगर व्यापारियों का टेक्स माफ नहीं भी करती तो पूंजीपति आत्महत्या नहीं करता।
पूरे देश के किसानों पर कुल 12 लाख 60 हजार करोड़ का कर्जा है जो कि व्यापारियों के तीन साल के टेक्स के बराबर है। यदि व्यापारियों को कर माफी नहीं देते तो उससे कम पैसे में किसानों का कर्ज माफ हो जाता। वही उन्होंने भावांतर को किसानों के साथ धोखा और सम्मान यात्रा को अपमान यात्रा बताया ।
हार्दिक भी करेंगें बड़ी सभा...
वही मंदसौर गोलीकांड का साल पूरा होने के मौके पर घटना में अकाल मौत मारे गए 6 किसानों को श्रद्धांजलि देने के लिए गुजरात के पाटीदार नेता कांग्रेस के साथ मिलकर 6 जून को एक महासभा का आयोजन करने वाले हैं।
पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने इस महासभा में प्रदेश के एक लाख से ज्यादा किसानों के आने का दावा किया है। महासभा में मृत किसानों को शहीद घोषित करते हुए उनकी प्रतिमाओं का शिलान्यास किया जाएगा।कार्यक्रम में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के साथ ही ममता बनर्जी , उद्धव ठाकरे और नाना पाटेकर को भी बुलाया जाएगा।
Published on:
18 Apr 2018 07:20 pm
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