एमपी में रूठे हुए मानसून ने गजब की वापसी की और बारिश के कई सालों के रिकार्ड टूट गए। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार से बरसात हो रही है और रविवार को भी सुबह से ही यही स्थिति बनी है। इससे नदी नाले उफान पर आ गए हैं। प्रदेश के सभी बांध पानी से लबालब हो गए हैं और इनके गेट खोले जा चुके हैं। ओंकारेश्वर में नर्मदा का पानी ज्योतिर्लिंग तक पहुंच गया।
एमपी में रूठे हुए मानसून ने गजब की वापसी की और बारिश के कई सालों के रिकार्ड टूट गए। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार से बरसात हो रही है और रविवार को भी सुबह से ही यही स्थिति बनी है। इससे नदी नाले उफान पर आ गए हैं। प्रदेश के सभी बांध पानी से लबालब हो गए हैं और इनके गेट खोले जा चुके हैं। ओंकारेश्वर में नर्मदा का पानी ज्योतिर्लिंग तक पहुंच गया।
बारिश ने इंदौर में 61 साल का रिकार्ड ध्वस्त कर दिया जबकि भोपाल में भी 11 साल का रिकार्ड टूटा है। पिछले 24 घंटों में इंदौर में करीब 7 इंच पानी गिरा है। इससे पहले इंदौर में 20 सितंबर 1962 को 6.58 इंच पानी बरसा था। राजधानी भोपाल में भी सन 2011 के बाद से सितंबर में दूसरी बार इतना पानी गिरा है। यहां 24 घंटों में करीब 3 इंच बरसात हुई।
लगातार और तेज बरसात के कारण प्रदेश में बारिश का कोटा अब महज 4 प्रतिशत ही कम है। दो दिन पहले इसमें 12 प्रतिशत की कमी थी। प्रदेश में औसत बरसात 35.2 इंच है। धार में 24 घंटों में सबसे ज्यादा 12.5 इंच पानी बरसा।
प्रदेश में नर्मदा और चंबल कई जगहों पर खतरे के निशान के करीब हैं। इधर बुरहानपुर में ताप्ती खतरे के निशान से 20 मीटर ऊपर बह रही है। बेतवा, केन और पार्वती भी उफान पर हैं। बरगी बांध और तवा बांध के गेट खोल दिए जाने के बाद नर्मदा में जलस्तर तेजी से बढ़ा जिससे कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए।
मौसम विभाग ने रविवार को भी 13 स्थानों के लिए रेड और 6 स्थानों पर बारिश का आरेंज अलर्ट जारी किया है।
भारी बारिश से प्रदेश के तवा, बरगी, माचागोरा, ओंकारेश्वर, इंदिरा सागर, यशवंत सागर, सतपुड़ा, पारसडोह, गंभीर बांध के गेट खोले गए। इंदौर,खरगोन, उज्जैन, बैतूल, नर्मदापुरम, खंडवा, हरदा में स्कूलों की छुट्टी हो गई।
नागदा में रेलवे ट्रैक पर पानी भर गया। दिल्ली मुंबई ट्रैक पर रतलाम और दाहोद के बीच पहाड़ से बड़े पत्थर गिरे।
खंडवा के ओंकारेश्वर में नर्मदा ज्योतिर्लिंग की सीढ़ियों तक पहुंच गई। इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर मोरटक्का ब्रिज बंद कर दिया गया। नर्मदापुरम में सेठानी घाट पर भी नर्मदा का जलस्तर बढ़ा। नर्मदापुरम-हरदा-खंडवा स्टेट हाईवे बंद हो गया। शिवपुर के पास 8 लोग फंस गए जिनका रेस्क्यू किया गया।
उज्जैन में शिप्रा में उफान से रामघाट के मंदिर पानी में डूब गए। देवास, शाजापुर, रायसेन, विदिशा, अशोकनगर, हरदा, बुरहानपुर, मंदसौर, बैतूल में भी बारिश के कारण हालात बिगड़ गए।