
भोपाल. मध्य प्रदेश में टूरिज्म के क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के लिए धार, शहडोल और बालाघाट जिले में नये फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट स्थापित किये जाएंगे। वर्तमान में खजुराहो, रीवा और जबलपुर में फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट स्थापित है। यहां से डिप्लोमा और डिग्री लेकर निकलने वाले विद्यार्थियों को रोजगार मिलेगा। अनुसूचित जाति-जनजाति के छात्र-छात्राओं को इन संस्थाओं का विशेष लाभ मिले।
ऐतिहासिक महत्व के नगर ओरछा और ग्वालियर में यूनेस्को नई दिल्ली हिस्टोरियल लैंडस्कैप रिकमेंडेशन लागू करने की योजना बनाने के लिये अनुसंधान होगा। सीएम ने निर्देश दिये कि स्थानीय संस्थाएं नगर निगम, स्मार्ट सिटी कार्यालय, जिला प्रशासन इस कार्य में पूरा सहयोग करेंगे।
शहरों की थीम आधारित म्यूजियम बनेंगे
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विभिन्न शहरों में थीम आधारित म्यूजियम की स्थापना हो। प्रथम चरण में ग्वालियर में म्यूजियम आफ म्यूजिक और पन्ना या खजुराहो में डायमंड म्यूजियम या डायमंड टूर स्थापित हो। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये विशेष पर्यटन स्थलों के लिए विशिष्ट तकनीक आधारित वर्चुअल टूर्स शो करने की भी योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की फिल्म नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। मध्यप्रदेश में फिल्म निर्माण की गतिविधियां बढ़ी हैं।
यूनेस्को सूची में मांडू और ओरछा के लिए तैयार होगा डोजियर
यूनेस्को विश्व धरोहरों की सूची में मांडू और ओरछा को सम्मिलित करने के लिए नामिनेशन डोजियर तैयार कर एएसआई के माध्यम से यूनेस्को को भेजा जाएगा। दोनों कई वर्षों से यूनेस्को विश्व धरोहरों की संभावित सूची में है। यूनेस्को की स्थायी सूची में सम्मिलित कराने के प्रयास किये जा रहे हैं।
पीपीपी मॉडल से चार नेशनल पार्कों, 5 कैंप साइड का विकास
एमपी टूरिज्म सूचीबद्ध संस्था के साथ मिल राष्ट्रीय उद्यानों के बफर एरिया में निजी निवेशकों के सहयोग से पन्ना, कान्हा, पेंच और बांधवगढ़ में पांच कैंप साइट्स का विकास किया। पचमढ़ी हवाई पट्टी की लंबाई 4 हजार फीट करने का कार्य जारी है, वहीं गोल्फ कोर्स विकसित करने पर विचार हुआ।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने एमएसएमई विभाग की समीक्षा में कहा कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप पर तेजी से काम हो। स्ट्रीटवेंडर योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक हितग्राहियों का चयन कर उन्हें लाभान्वित किया जाए। राज्य सरकार का लक्ष्य गरीब परिवारों को बेहतर रोजगार प्रदान करना है। छोटे व्यवसाय करने के लिए शासकीय मदद पहुंचाएं। जो बच्चे इनोवेटिव आइडिया रखते हैं, उन्हें स्टार्टअप शुरू करने में पूरी मदद दी जाए। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की प्रक्रिया को और सहज-सरल बनाया जाए। सभी स्वीकृतियां 30 दिनों में जारी हो। औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यमियों को आवंटित भूमि का उपयोग केवल उद्योग स्थापना में ही होना चाहिये। यदि कोई जमीन का उपयोग अन्य काम में करता है तो उसे खाली कराया जाए।
Published on:
15 Dec 2020 10:29 am

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