
ice factory raid
भोपाल. गोविंदपुरा इंडस्ट्रीयल एरिया में बर्फ बनाने वाली तीन फैक्ट्रियों पर शनिवार को खाद्य औषधि प्रशासन के अमले ने छापा मारा। ये कार्रवाई भार्गव, अशोका व पारस इंडस्ट्रीज पर की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम सबसे पहले अशोका पहुंची। जहां पर जांच के दौरन बर्फ की सिल्ली पर कलर तो मिला, लेकिन यह बेहद हल्का था।
इसके साथ ही 15 सिल्ली सफेद बर्फ मिली। फैक्ट्री संचालक से जब बात की तो उसने बताया कि कर्मचारियों की गलती से ऐसा हुआ है। मौके पर ही सफेद बर्फ को नष्ट करा दिया गया। पारस फैक्ट्री में भी कुछ यही स्थिति रही। यहां पर भी बर्फ में रंग तो था, लेकिन काफी हल्का था। इसके बाद इन दोनों ही फैक्ट्री संचालकों को रंग गाढ़ा करने के निर्देश दिए गए। भार्गव आइस फैक्ट्री में बनाई जा रही बर्फ में जरूर गाढ़ा रंग मिला।
करीब एक माह पहले एफएसएसएआई ने व्यवसायिक (अखाद्य) बर्फ का रंग नीला करने के निर्देश दिए थे, ताकि इसका इस्तेमाल खाद्य वस्तु के रूप में न किया जा सके। रंग के आधार पर आमजन आसानी से पहचान कर सकेंगे कि कौन सी बर्फ खाने योग्य है और कौन सी खाने योग्य नहीं है। उक्त निर्देशों के बाद भी फैक्ट्रियों में निर्मित कुछ बर्फ का रंग नीला नहीं किया गया था। सफेद बर्फ बनाकर उसे बाजार में खपा रहे थे।
लीके हो गई छापे की सूचना
फैक्ट्रियों पर छापे की कार्रवाई की सूचना लीक हो गई। जैसे ही टीम जांच करने फैक्ट्री में पहुंची तो वहां उन्हें सफेद बर्फ को छोड़कर बाकी व्यवस्था चाक चौबंद मिली। अधिकारी खुद हैरत में थे कि व्यवस्था इतनी ठीक भी हो सकती है।
पत्रिका व्यू : लकीर पीटना...
गर्मी का मौसम लगभग खत्म होने को है। अब खाद्य औषधि प्रशासन विभाग अमानक बर्फ बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने निकला है। यही कार्रवाई अगर गर्मी की शुरुआत से लगातार की जाती तो शहरवासियों को इस बर्फ से होने वाले दुष्प्रभाव से बचाया जा सकता था। लगता है अधिकारियों को लोगों की सेहत से ज्यादा सरकारी रिकॉर्ड में अपने नंबर बढ़ाने की फिक्र है। अब ये कार्रवाई तो 'सांप निकलने के बाद लकीर पीटनाÓ की कहलाएगी।
Published on:
03 Jun 2018 08:24 am
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