राखी के स्नेह पर महंगाई का बंधन

जेब पर और बढ़ा बोझ: दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम आसमान पर

भोपाल. इस बार राखी के स्नेह पर महंगाई का बंधन है। दैनिक उपयोग की सभी वस्तुओं की कीमतों में 25 से 30 फीसदी तक उछाल आ गया है। बीते एक साल में पेट्रोल-डीजल के साथ खाद्य तेल और रसोई गैस के दामों ने भी रेकॉर्ड तोड़ दिया है। पेट्रोल 110 रुपए से ऊपर पहुंच गया है। डीजल के दाम भी शतक लगाने को तैयार हैं। ऐसे ही रसोई गैस की कीमत एक साल में 600 रुपए से बढ़कर 865 रुपए पर पहुंच गई है। दुग्ध उत्पादों में भी तेजी का क्रम जारी है। ऐसे ही बीते साल के मुकाबले इस साल राखियों के दाम भी तेज हैं। सूखे मेवे, दालें और सोया तेल-वनस्पति तेल के दामों में भी काफी बढ़ोतरी हुई है।
इधर, त्योहार के पहले थोक बाजार में शक्कर 3400 से 3900 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गई है। सीधे-सीधे 5 रुपए किलो का अंतर करीब एक सप्ताह में आ गया है। तेल-शक्कर ब्रोकर रमाकांत तिवारी ने बताया कि शक्कर में त्योहारी मांग को देखते हुए सटोरिए सक्रिय हो गए हैं।

दूध: 2 रुपए प्रति लीटर बढ़े दाम
हाल ही में अमूल ने दूध दाम 2 रुपए प्रति लीटर महंगा कर दिया है। अब अमूल दूध भोपाल में 56 रुपए में एक लीटर मिल रहा है। इंदौर, जबलपुर में भी दूध महंगा हुआ है। कंपनी ने स्टैंडर्ड, टोंड मिल्क, डबल टोंड मिल्क में भी प्रति लीटर 2 रुपए बढ़ाए हैं। अमूल के सीनियर सेल्स ऑफिसर पंकज देशमुख ने कहा, डीजल महंगा होने से दूध-दही के रेट बढ़ाए हैं। ऐसे ही मावा की कीमत एक साल में 200 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 260 रुपए प्रति किलो हो गई है।

एलपीजी: इस साल छह बार बढ़ोतरी
थोड़े समय के बाद एलपीजी ने फिर महंगाई की आग लगी है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर के दाम 25 रुपए बढ़ा दिए हैं। एलपीजी वितरक संघ के अध्यक्ष आरके गुप्ता ने कहा कि इस साल रसोई गैस की कीमत छठी बार बढ़ाई गई है और सिलेंडर 165 रुपए महंगा हो गया है। इससे पहले कंपनियों ने 1 अगस्त को 19 किलो के कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम 73.5 रुपए बढ़ाए थे।

किराया: 75 फीसदी तक की बढ़ोतरी
प्रदेश सरकार ने सूबे में संचालित निजी यात्री बसों के किराये में 25 से 75 फीसदी तक की बढ़ोतरी की है। इससे पहले वर्ष 2018 में यात्री बस किराया प्रति किलोमीटर एक रुपए बढ़ाया गया था। मध्यप्रदेश प्राइवेट बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा का तर्क है कि कोरोना में बस ऑपरेटर को काफी नुकसान हुआ। ईंधन की कीमतें भी काफी बढ़ी हैं। ऐसे में किराया बढ़ाया गया है।

रविकांत दीक्षित
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