
Ganesh mp3 Songs: गणेश चतुर्थी इस बार 2 सितंबर को है। देशभर में गणपति बप्पा के आगमन की तैयारी की जा रही। 10 दिन तक चलने वाले गणेश उत्सव के पहले दिन सभी अपने घर में ढोल बाजे के साथ नाचते गाते हुये गणेश जी की स्थापना करते हैं। गणेश चतुर्थी पर गणेश जी की स्थापना करने और गणेश चतुर्थी पर्व मनाने के लिये बॉलीवुड में Ganesh mp3 song और Ganesh dj Song के टॉप सुपरहिट DJ सांग और भजन की पूरी लिस्ट देखिये और नेट से डॉउनलोड करिये।
गणेश भगवान का सुपरहिट DJ सांग और भजन- देखें पूरी लिस्ट
1. देवा श्री गणेशा, देवा श्री गणेशा, ज्वाला सी जलती है आँखो में, जिसके भी दिल मे तेरा नाम है
2. सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची। नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची। सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची।स कंठी झळके माळ मुक्ताफळांची॥
3 .देवा ओ देवा गणपति देवा- हम से बढ़कर कौन
4. गणपति बप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया
5. गणपति देवा तेरी जय जय कार, तेरे ध्यान में जो भी डुभे वोही उतरे पार, गणपति देवा तेरी जय जय कार...
6. मोरे अंगना गजानन आए री, आप भी आए संग रिद्धि सिद्धि लाए, सोए भाग जगाए री, मोरे अंगना गजानन आए री,
7. आवो गजानंद आप पधारो , जोड़ा दोनों हाथ, सफल सारा काम करज्यो , के शिर पे हाथ धरज्यो
8. जय गणेश जय गणेश देवा, माता जाकी पार्वती पिता महादेवा
9. घर में पधारो गजाननजी, मेरे घर में पधारो, घर में पधारो गजाननजी
10. अरे गणराज पधारो आज, भक्ति का पहना दो अब ताज। अरे हमें तो श्री चरणों का होवे दर्शन लाभ।
ऐसे करें गणेशजी की मूर्ति की स्थापना
देवो के देव महादेव के पुत्र भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापित करने के सबसे पहले लाल वस्त्र चौकी पर बिछा लें। इस पर अक्षत छिड़कें और ऊपर भगवान गणेश की मूर्ति को स्थापित करें। इसके पश्चात पान के पत्तों से गंगाजल लें और भगवान गणेश को नहलाएं। गणपति बप्पा को हमेशा पीले वस्त्र पहनाने चाहिए। ऐसे में उन्हें पीला कपड़ा अर्पित करें और गले में मोती की माला डालें। इसके बाद अक्षत और फूल भी चढ़ाएं। प्रसाद के रूप में घर के बने मोदक हों तो ज्यादा अच्छा है। भगवान गणेश को मोदक बहुत पसंद है इसलिए भोग में मोदक ही चढ़ाएं।
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ऐसे करें गणेशजी की पूजा
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।।
गणपति की मूर्ति की जहां स्थापना हुई है उसके पास तांबे या चांदी के कलश में जल भरकर रखें। कलश गणपित के दांई ओर होना चाहिए। इस कलश के नीचे चावल या अक्षत रखें और इसपर मोती अवश्य बांधें। गणपति के बांई तरफ चावल के ऊपर घी का दिया अवश्य जलाएं। पूजा और माला जपने का समय एक रखेंगे तो मनचाहा लाभ होगा। इसके बाद भगवान की आरती करें।
Published on:
26 Aug 2019 10:56 am

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