30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

CM हाउस पहुंचा फर्जी नोटशीट मामला : गिरोह सरगना का चौंकाने वाला बयान, कहा- ‘नोटशीट हम नहीं, कोई और गिरोह भेज रहा है’

भाजपा विधायकों और सांसदों के फर्जी नोटशीट-लैटर हेड बनाकर शासकीय कर्मचारियों के ट्रांसफर की अनुशंसा करने वाले गिरोह ने पूछताछ नया मोड़ आ गया है।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

Mohammad Faiz Mubarak

•

Updated: 5 Aug 2021, 5:09 PM IST

News

CM हाउस पहुंचा फर्जी नोटशीट मामला : गिरोह सरगना का चौंकाने वाला बयान, कहा- 'नोटशीट हम नहीं, कोई और गिरोह भेज रहा है'

भोपाल/ मध्य प्रदेश में भाजपा विधायकों और सांसदों के फर्जी नोटशीट-लैटर हेड बनाकर शासकीय कर्मचारियों के ट्रांसफर की अनुशंसा करने वाले गिरोह ने पूछताछ क्राइम ब्रांच को ही असमंजस में लाकर खड़ा कर दिया है। गिरोह के सरगना द्वारा दिये गए बयान के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी रामप्रसाद राही उर्फ गुप्ता ने बताया कि, उसने किसी भी सांसद के नाम से ट्रांसफर के लिए नोटशीट नहीं भेजी, वो सिर्फ विधायक का लैटरहेड ही इस्तेमाल करते थे। पूछताछ में आरोपी ने बताय कि, कोई और ही गिरोह सांसद के नाम से नोटशीट भेजकर इस तरह के फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहा है। अब क्राइम ब्रांच आाारोपी के बयन के आआआधर पर नए गिरोह की भी तलाश में जुट गई है।

पढ़ें ये खास खबर- विधायक के फर्जी लेटर हेड वाला रैकेट गिरफ्तार : एक आरोपी स्वास्थ्य मंत्री का चपरासी रह चुका है, तो दूसरा BJP विधायक का कुक


अब क्राइम ब्रांच इनसे करेगी पूछताछ

क्राइम ब्रांच एएसपी गोपाल धाकड़ के मुताबिक, अब पुलिस उन सभी कर्मचारियों से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है, जिनके लिए सांसदों के नाम से फर्जी नोटशीट मिली थी।सीधी में पदस्थ प्रभारी तहसीलदार वीरेंद्र पटेल को पूछताछ के संबंध में नोटिस भेज दिया गया है। देवास सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी के नाम से तहसीलदार वीरेंद्र का सीधी से देवास ट्रांसफर की अनुशंसा की गई थी। इसी तरह भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, राजगढ़ सांसद रोडमल नागर के नाम से भी फर्जी अनुशंसा की गई है।


बुधवार को पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी

बता दें कि, मध्य प्रदेश की भोपाल क्राइम ब्रांच ने बुधवार को विधायकों, सांसदों की फर्जी नोटशीट भेजकर कर्मचारियों के ट्रांसफर की अनुशंसा करने के मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों में स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी का पुराना चपरासी रामगोपाल पाराशर, विधायक रामपाल सिंह का पूर्व कुक रामप्रसाद राही भी शामिल है। आरोपियों ने 30 शासकीय कर्मचारियों की अनुशंसा भेजी थी। पुलिस द्वारा आरोपियों से जब्त किये गए कंप्यूटर की जांच भी कर रही है।

पढ़ें ये खास खबर- युवती ने रोते हुए लगाई गुहार : हमारा गांव एक टापू पर बसा है, पानी तेजी से हमारी ओर बढ़ रहा है, हमें बचा लीजिये


इस तरह हुआ मामले का खुलासा

क्राइम ब्रांच के ASP गोपाल धाकड़ के अनुसार, शिकायत मिली थी कि, कुछ विधायक, सांसदों के लेटर हेड पर स्थानांतरण के प्रस्ताव सीएमओ वल्लभ भवन में प्राप्त हो रहे हैं। शिकायत की जांच में पता लग कि, सांसद, विधायक के लेडर हेड, नोटशीट फर्जी हैं। पुलिस ने जिन अधिकारियों, कर्मचारियों का प्रपोजल भेजा था, उन्हें नोटिस देकर पूछताछ शुरू की गई तो मामले का खुलासा हुआ।


आरोपी किस तरह करते थे गोरखधंधे को संचालित

-पहला आरोपी जनप्रतिनिधियों के बंगले पर कुक का काम करने वाला राम प्रसाद राही सुनहरी बाग जवाहर चौक का निवासी है। गोरखधंधे में उसका काम था कि, वो फर्जी लेटर हेड तैयार करता था। खुद ही विधायक, सांसद के हस्ताक्षर कर प्रपोजल संबंधित विभाग को भेजता था।

-दूसर आरोपी रायसेन जिले के सिलवानी स्थित ग्राम कानीबड़ा उपयपुरा का रहने वाला लखनलाल फर्जी लेटर हेड में डिस्पेच नंबर अंकित करता था। साथ ही, ट्रांसफर करवाने वाले से अपने खाते में रकम जमा कराता था।

-तीसरा आरोपी हरदा जिले के टिमरनी का रहने वाला रामकृष्ण राजपूत कंप्यूटर ऑपरेटर है। उसका काम लेटरहेड टाइपिंग करना होता था। पूछताछ में सामने आया है कि, मुख्य आरोपियों ने उसे हर लेटर लिखने पर कमीशन देना तय हुआ था।

-चौथा आरोपी दशरथ राजपूत हरदा जिले के खामापड़वा का रहने वाला है। ये भी कंप्यूटर ऑपरेटर ही है, जो रामकृष्ण के साथ मिलकर नोटशीट में प्रपोजल तैयार करता था।

-वहीं, पुलिस गिरफ्त में आय पांचवा आरोपी रामगोपाल पाराशर: मॉडल स्कूल परिसर टीटी नगर, भोपाल का रहने वाला है। वो शिक्षा विभाग में सरकारी भृत्य है। लेटरहेड उपलब्ध कराता था।

पढ़ें ये खास खबर- स्वास्थ्य विभाग के मुख्य लिपिक के घर लोकायुक्त छापा : करोड़ों की संपत्ति का खुलासा


मंत्री प्रभुराम चौधरी के बंगले पर काम कर चुका है मुख्य आरोपी

पुलिस पूछताछ में पता चला है कि, गिरोह का मुख्य आरोपी रामगोपाल पाराशर मंत्री प्रभुराम चौधरी के बंगले पर चपरासी का काम कर चुका है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि, उसने बताया कि, मंत्री के बंगले से उसने विधायक रामपाल सिंह का एक खाली लेटर हेड चोरी किया था। इसके अलावा कई अन्य जनप्रतिनिधियों के भी फर्जी लेडर हेड उसके पास से मिले हैं।


विधायक रामपाल के बंगले में कुक रहा, उनके ही नाम से 27 लोगों की अनुशंशा की

वहीं, पकड़ा गया दूसरा मुख्य आरोपी रामप्रसाद राही भी विधायक रामपाल सिंह के बंगले में कुक रह चुका है। उसका छतरपुर में ससुराल है। उसने विधायक रामपाल सिंह के फर्जी लेडर हेड, नोटशीट से अकेले छतरपुर के रहने वाले 27 कर्मचारियों की अनुशंशा की है। पुलिस के मुताबिक, रामप्रसाद ने सबसे अधिक नोटशीट भेजी हैं।

इन जनप्रतिनिधियों के नाम पर किया फ्रॉड

-राजगढ़ सांसद रोडमल नागर के नाम पर शाहजहांपुर नायब तहसीलदार पत्नी शासकीय सेवा में बड़वानी को शाजापुर से बड़वानी ट्रांसफर की अनुशंसा की गई।

स्वास्थ्य विभाग के मुख्यलिपिक के घर लोकायुक्त छापा - देखें video