3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विकसित होगी हरियाली: 13 एकड़ का सेंट्रल पार्क बनेगा, क्षेत्र में 10 हजार से ज्यादा पेड़-पौधे लगाएंगे

स्मार्ट सिटी एबीडी एरिया: 68 करोड़ रुपए का काम, पीपीपी मोड पर तय एजेंसी करेगी खर्च

2 min read
Google source verification
meghdoot-garden-indore-parks-g9f7olj1p8.jpg

Meghdoot Garden

भोपाल. स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने टीटी नगर एरिया बेस्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में 10 हजार से अधिक पेड़ सहित पौधे व घास लगाने की तैयार की है। ये काम पीपीपी यानी पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप के माध्यम से किया जाएगा। इसमें 68 करोड़ की राशि खर्च होने का अनुमान है। ये खर्च संबंधित एजेंसी ही वहन करेगी। इस सप्ताह में एजेंसी तय करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसमें 13 एकड़ का एक सेंट्रल पार्क भी बनेगा। प्रोजेक्ट के तहत टीटी नगर में डेवलपमेंट करने करीब छह हजार पेड़ों को काटना तय किया था। इसमें से 50 फीसदी पेड़ काटे जा चुके हैं। 850 पेड़ों को शिफ्टिंग में शामिल किया है। इस शिफ्टिंग पर शहर के पर्यावरणविद् सवाल खड़े कर रहे हैं और शिकायतें भी की है। शिफ्टिंग की प्रक्रिया अभी जारी है।
एक पेड़ पर 45 दिन दें तो पूरे बचा लेंगे
टीटी नगर से कलियासोत क्षेत्र में शिफ्ट किए जा रहे पेड़ों की शिफ्टिंग प्रक्रिया के साथ इनके जीवित रहने पर सवाल उठे तो कंपनी ने स्मार्टसिटी डेवलपमेंट कारपोरेशन के सामने दावा किया कि वो सभी पेड़ बचा लेगी, लेकिन उसे एक पेड़ के लिए 45 दिन का समय चाहिए। स्मार्ट सिटी ने ये समय कंपनी को दे दिया है।


जेब में चार करोड़ रुपए, इससे लगाना है 24 हजार पौधे
टी टी नगर एबीडी एरिया में पेड़ कटाई की अनुमति के बदले सीपीए फॉरेस्ट को बड़ी राशि मिली है। ये करीब चार करोड़ रुपए है। इससे सीपीए को टीटी नगर में काटे गए पेड़ों से चार गुना तक पौधरोपण करके उन्हें जीवित रखना है। हालांकि, सीपीए ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि उसने यह क्षतिपूर्ति कहां की है।
पेड़ कटाई का विरोध: पर्यावरण बचाओ आंदोलन के शरद कुमरे व अन्य सदस्यों ने रविवार को सत्याग्रह किया। लोगों को पेड़ कटाई का विरोध करने जागरूक किया। 'पेड़ नहीं कटने देंगे, दिल्ली नहीं बनने देंगेÓ जैसे नारे लगाए गए।

टीटी नगर एबीडी प्रोजेक्ट में हरियाली विकसित करने का प्लान तैयार है। सड़क किनारे ग्रीन कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। बुलेवार्ड स्ट्रीट पर ही तीन हजार के करीब पेड़ लगाने की योजना है। करीब 35 एकड़ क्षेत्रफल में ग्रीनरी विकसित की जाएगी।
आदित्य सिंह, सीईओ स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट

Story Loader