
भगवान के 24 अवतारों की कथा सुनाते हुए कहा कि यह संसार भगवान का सुंदर बगीचा है। यहां चौरासी लाख योनियों के रूप में भिन्न-भिन्न प्रकार के फूल खिले हुए हैं। जब-जब कोई अपने गलत कर्मों द्वारा इस संसार रूपी भगवान के बगीचे को नुकसान पहुंचाने की चेष्टा करता है, तब-तब भगवान इस धरा धाम पर अवतार लेकर सज्जनों का उद्धार और दुर्जनों का संघार किया करते हैं।
देवता और दानव द्वारा किया जाने वाला मंथन है
समुद्र मंथन की कथा सुनाते हुए कहा कि मानव हृदय ही संसार सागर है। मनुष्य के अच्छे और बुरे विचार ही देवता और दानव द्वारा किया जाने वाला मंथन है। कभी हमारे अंदर अच्छे विचारों का चिंतन मंथन चलता रहता है और कभी हमारे ही अंदर बुरे विचारों का चिंतन मंथन चलता रहता। गुरुवार को कथा में अतिथि शेखर शुक्ला (छग) रहे। कथा में मुख्य यजमान उषा-प्रदीप पांडे हैं।
देवता की जीत से जीवन में सुखी
महाराज ने बताया कि जिसके अंदर का दानव जीत गया उसका जीवन दु:ख, परेशान और कठिनाइयों से भरा होगा और जिसके अंदर का देवता जीत गया, उसका जीवन सुखी, संतुष्ट और भगवत प्रेम से भरा होगा। इसलिए हमेशा अपने विचारों पर पैनी न•ार रखते हुए बुरे विचारों को अच्छे विचारों से जीतते हुए अपने मानव जीवन को सुखमय और आनंद मय बनाना चाहिए। कथा के शुरुआत में भागवत भगवान का पूजन कर आरती उतारी गई।
कथा रोजाना दोपहर एक बजे से की जा रही है। कथा सुनने रामरतन साहू, राकेश वर्मा, रजनीश पांडे, शशिभूषण मिश्रा, मीरा सिंह, संगीता तिवारी, विपिन विहारी तिवारी, महेश यादव, सुमन पांडे, सोनी पांडे, पियूष पांडेय, पूनम मिश्रा, शांति यादव सहित समस्त नरेंद्र नगर, सर्वोदय नगर के साथ ही आसपास के लोग पहुंचे।
Published on:
08 Dec 2023 09:45 pm
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