7 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

उपभोक्ताओं को ई-भुगतान कराने में मदद करेगा हेल्प डैस्क

उपभोक्ताओं को ई-भुगतान कराने में मदद करेगा हेल्प डैस्कसभी निकायों के बिलों पर प्रिंट होगा क्युआर कोड

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Ashok Gautam

Jun 05, 2019

QR Code

सभी दुकानों पर क्यूआर कोड से भुगतान हो सकता है जरूरी

भोपाल। प्रदेश के सभी निकायों में बड़े से लेकर छोटे तक के लेन-देन अब ई-भुगतान के जरिए किए जाएंगे। ऑन लाइन कर भुगतान करने को सहज बनाने के लिए निकाय अपने बिलों में क्युआर कोड जनरेट करेंगे। इस कोड के माध्यम से निकायों को भुगतान कैसे किया जाए, इसके लिए जन-जागरुकता अभियान चलाया जाएगा।

वहीं ई-भुगतान के लिए सभी निकायों में हेल्प डैस्क होगा, जो लोगों को क्रेडिट कार्ड, डेबिड कार्ड सहित अन्य ऑन लाइन माध्यमों से भुगतान कराने में मदद करेंगे।
ई-नगर पालिका बनने के बाद भी कई निकाय अभी भी आफ लाइन लेन-देन कर रहे हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी निकायों को निर्देश दिए हैं कि अब ऑन लाइन ही लेन-देन करें। आफ लाइन देन-देन पूरी तरह से बंद किया जा रहा है।

ऑन लाइन पेमेंट के लिए निकायों में हेल्प डेस्क बनाएं, जहां आईटी के अनुभवी कर्मचारियों को तैनात करें। यह कर्मचारी न सिर्फ उपभोक्ताओं से ऑन लाइन कर वसूली करें, बल्कि लोगों को ऑन लाइन भुगतान करने के संबंध में जानकारी भी दें। जिससे लोग अगली बार भुगतान घर बैठे कर सकें, उन्हें कार्यालय तक आने की जरूरत नहीं पड़े।

विभाग ने निर्देश दिए हैं कि बिलों पर क्युआर कोड दें, जिससे संपत्ति, जल सहित अन्य करों के भुगतान में मदद मिले। ऑन लाइन भुगतान के संबंध में जगह-जगह कैंप लगाएं और लोगों को इसके प्रति जागरुक करें।

ई-नगर पालिका के पोर्टल पर वसूली की जानकारी निर्धारित सीट पर दें, जिससे कि उनके आय-व्यय की हर समय अपडेट जनकारी विभाग को मिलती रहे। इस कार्य में युवा स्वाभिमान योजना में प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं लगाए, जिससे उनको प्रशिक्षण देने का लाभ युवाओं और निकाय दोनों को मिले। इस योजना की शुरूआत पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी।

उस दौरान उन्होंने इस योजना को पाइलेट प्रोजेक्ट के तहत इंदौर और भोपाल के कुछ वार्डों में किया था और इसके बाद इस योजना को सभी नगर निगमों में इसे लागू करने के लिए कहा था। इसके लिए नगर निगमों और नगर पलिकाओं के लिए अलग-अलग साफ्टवेयर तैयार किए गए थे।