
मैं आज बहुत खुश हूं। भागवान ने मेरी प्रार्थना सुन ली। मैं हीरे की काटिंग का काम करता हूं। इतने बड़े स्कूल में बच्चे के प्रवेश के बारे में सोच भी नहीं सकता था। लेकिन आज जैसे ही फोन आया कि मेरे बेटे कृष्णा का शहर के बड़े स्कूल में प्रवेश हो सकता हैं। उसका नाम लॉटरी में चयन हो गया। पूरे घर में खुशी छा गई। अब मेरे बेटे का भविष्य उज्जवल है। यह कहना है ओमप्रकाश कुशवाह का।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों की 25 फीसदी सीटों पर गरीब बच्चों के प्रवेश के लिए गुरुवार को लॉटरी निकाली गई। इनमें से 84 हजार 795 बच्चों को स्कूल आवंटित किए गए। स्कूल आवंटन में भोपाल पहले स्थान पर रहा। यहां 6 हजार 262 बच्चों का चयन आरटीई के तहत प्रवेश के लिए किया गया। वहीं इंदौर में 4 हजार 788 एवं उज्जैन में 4 हजार 78 बच्चों का चयन निजी स्कूलों के लिए हुआ।
22 मार्च तक ले सकेंगे प्रवेश
आवंटित स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू होगी। इसकी आखिरी तारीख 22 मार्च है। ऐसे अभिभावक जो प्रथम चरण में आवंटित स्कूल में प्रवेश नहीं लेना चाहते, वे जिन स्कूलों में सीटें रिक्त रह जाएंगी उन स्कूलों की च्वाइस दर्ज कर सकेंगे।
12 हजार 438 ने किया था आवेदन
निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए भोपाल जिले से 12 हजार 438 अभिभावकों ने अपने बच्चों के दाखिले के लिए आवेदन किया था। इसमें से 6 हजार 262 को स्कूल आवंटित किए थे। ऐसे अभिावकों जिनके बच्चे का नाम लॉटरी में नहीं आया है। उनके लिए लॉटरी के दूसरे चरण में स्कूल आवंटित किए जाएंगे।
Published on:
15 Mar 2024 12:49 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
