
भोपाल/ हनीट्रैप की हसीनाओं ने मिलकर अवैध वसूली के नाम पर करोड़ों का वारा न्यारा किया है। कोर्ट में चालान जमा होने के बाद कई और नाम सामने आए हैं, जिन्होंने वीडियो के बारे में कभी कोई शिकायत नहीं की। हसीनाओं के जाल में फंसकर एक अधिकारी ने तो इन्हें एक करोड़ रुपये तक दे दिए। जिसका बंटवारा तीन लोगों में हुआ। जिसमें एक पत्रकार भी शामिल था।
पुलिस ने कोर्ट में जो चार्जशीट दाखिल की है, उसके अनुसार श्वेता विजय जैन और आरती दयाल के लॉकर से भी करीब 14-14 लाख रुपये कैश मिले थे। श्वेता और आरती ने अफसरों से दोस्ती कर उनके साथ संबंध बनाए और उसका वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया। इस काम में श्वेता और आरती के साथ कुछ पत्रकार भी शामिल थे। जिन्हें ब्लैकमेलिंग की राशि में हिस्सेदारी मिलती थी।
कुछ महीने पहले मध्यप्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी का वीडियो वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में आरती दयाल ही थी, जिसे एक बिल्डर ने वायरल कर दिया था। उस अधिकारी से भी इन हसीनाओं ने काफी पैसे वसूले थे। चार्जशीट के अनुसार मोनिका ने कबूल किया है कि एक आईएएस अधिकारी ने तो इन्हें एक करोड़ रुपये दिए। जिसका नाम इस चार्जशीट में नहीं लिया गया है।
ब्लैक ब्रीफकेस में लेकर आए
मोनिका ने पुलिस को बताया कि जून 2019 में दिन में करीब 11-11.30 बजे की बात थी, श्वेता आरती के घर पर आई और बोली जल्दी तैयार हो जा कुछ काम है। फिर इसके कुछ देर बाद दोनों कहीं चले गए थे। शाम को करीब 3-4 बजे के आस-पास श्वेता विजय जैन, आरती और पत्रकार गौरव शर्मा के साथ आरती के कमलानगर वाले घर पर कार से आए और 02 काले रंग के ब्रीफकेस लेकर आरती के रूम में चले गए और तीनों ने आपस में पैसे बांट लिए।
IAS ने दिए एक करोड़
जांच अधिकारी को पूछताछ के दौरान मोनिका ने बताया कि बाद में आरती दयाल ने मुझे बताया था कि वह पैसे एक करोड़ रुपये थे जो भोपाल में पदस्थ आईएएस अधिकारी ने दिए। जिसका मोबाइल नंबर आरती के काले रंग के वन प्लस मोबाइल में सेव है। आरती की पिंक कलर डायरी में भी इस बात का जिक्र है, जिसमें उस अधिकारी का कोड वर्ड में नाम लिखा है।
Published on:
29 Dec 2019 04:16 pm

बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
