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निजी स्कूलों के संरक्षण में फल-फूल रहा गैस बम का अवैध कारोबार

स्कूलों से मांगी थी वैन से आने वाले बच्चों की जानकारी, जो उन्होंने अब तक नहीं दी

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illegal gas kit, school child in danger

भोपाल। बच्चों की सुरक्षा को लेकर आयोजित की जाने वाली बैठकों में स्कूल वैनों का विरोध करने वाले निजी स्कूल संचालक ही बैस बमों के अवैध करोबार को संरक्षण दे रहे हैं। यह स्कूल न केवल इन वैनों को अपने छात्रों को लाने और छोडऩे की अनुमति देते हैं बल्कि यह वैन स्कूल परिसर में ही खड़ी रहती हैं। स्कूल वाहनों के लिए पहली शर्त यह है कि वाहन पीले रंग का होना चाहिए, लेकिन 60 फीसदी वैन अलग रंगों की होती हैं। इसके साथ कंडम और 15 साल पुराने स्कूल वाहन भी स्कूल परिसर में खड़े रहते हैं। वहीं, पिछले दिनों हुई बैठक के बाद स्कूलों से ऐसे बच्चों की सूची मांगी थी, जो वैन से आते हैं, लेकिन वह भी स्कूलों ने नहीं दी।

हम लगातार वैन संचालकों से सारे नियम फॉलो करने को कहते हैं। कई स्कूलों ने कैम्पस में वैन की एंट्री बंद कर दी है, लेकिन यह व्यवहारिक नहीं है। सख्ती करते हैं तो वैन संचालक बच्चों को सड़क पर उतार देते हैं। माता-पिता बच्चों को सर्टीफाइड वाहनों में ही स्कूल भेजें।
- फादर मारिया स्टीफन, अध्यक्ष, सहोदय ग्रुप

गैस से चल रहीं अधिकतर वैन
प्रशासन की तमाम चौकसी के बावजूद स्कूल वैन के रूप में चल रही वैन में से अधिकतर का संचालन गैस से किया जा रहा है। कई बार बच्चे भी इस बात की शिकायत कर चुके हैं कि वैन में हमेशा गैस की गंध आती है। इन वैनों में बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई व्यवस्थाएं हैं।

वैन संचालकों ने दी हड़ताल की धमकी
जिला प्रशासन द्वारा की जा रही सख्ती से परेशान वैन संचालक अब हड़ताल की धमकी दे रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। वैन संचालकों का कहना है जिला प्रशासन स्कूली वाहनों की जांच कर चालकों का चरित्र सत्यापन मांगा जा रहा है। ज्ञापन में कहा गया है कि वाहनों की जांच के तरीके से मानसिक तनाव बढ़ रहा है। अगर यह जांच बंद नहीं हुई तो बुधवार से वैनों का संचालन बंद कर दिया जाएगा।

पुलिस का जांच अभियान...
इधर, यातायात पुलिस ने सोमवार को एक बार फिर स्कूल बसों की जांच शुरू की है। पुलिस ने सुबह नौ बजे से रत्नागिरी और भदभदा चौराहे पर पॉइंट लगाकर जांच शुरू कर दी। पुलिस और परिवहन अमले ने करीब चार घंटे तक दोनों जगहों पर 44 बसों की जांच की। एएसपी महेन्द्र जैन ने बताया कि नियम तोड़ रही चार बसों को जब्त किया गया है। जैन ने कहा कि स्कूल वैनों की जांच भी की गई, लेकिन किसी वैन में गड़बड़ी नहीं मिली। 40 से ज्यादा बसों में सुधार: एक सप्ताह में लगातार जांच के बाद 45 से अधिक स्कूल बसों को जब्त किया गया था।

इन बसों में स्पीड गवर्नर काम न करने सहित कई खामियां पाए जाने के चलते इन्हें जब्त कर लिया गया था। यातायात पुलिस ने स्पष्ट कर दिया कि बसों में सुधार कार्य के बिना जब्त बसों को छोड़ा नहीं जाएगा। इसके बाद चार दिनों के अंदर पुलिस कस्टडी में बसें खड़ी रहने के दौरान बस मालिकों ने सुधार कार्य कराया, जिसके बाद सभी बसों को निर्धारित जुर्माना लेकर छोड़ दिया गया है।

5000 वैन में से अधिकतर अवैध
शहर में पांच हजार से अधिक स्कूल वैन संचालित हो रही हैं, इनमें से अधिकांश मानकों के अनुरूप नहीं है। तीन दिन पूर्व भी यातायात पुलिस ने 40 वैन जांचने और उसमें एक भी वैन नियम विरुद्ध न पाए जाने की बात कही थी, लेकिन सड़कों पर दौड़ती वैनों की स्थिति देखकर ही इनकी असल हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है।