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चुनावी साल में कर्मचारी कर रहे आंदोलन, नियमितीकरण, वेतनमान सहित अन्य मांगों को लेकर कर रहे प्रदर्शन

काम बंद कर अंशकालीन कर्मचारियों ने सतपुड़ा भवन के समक्ष किया प्रदर्शन- पांच सूत्रीय मांगों को लेकर सौपा ज्ञापन- अतिथि शिक्षकों ने भी किया प्रदर्शन

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काम बंद कर अंशकालीन कर्मचारियों ने सतपुड़ा भवन के समक्ष किया प्रदर्शन

भोपाल. प्रदेश में यह चुनावी साल है। ऐसे में राजधानी में विभिन्न कर्मचारी संगठन अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारी नियमितीकरण, वेतनमान, पेंशन योजना सहित विभिन्न मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। शहर में रोजाना कर्मचारी संगठनों के धरना प्रदर्शन हो रहे हैं।

अंशकालीन कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
अंशकालीन कर्मचारियों को दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी का दर्जा देने, कलेक्टर दर से न्यूनतम वेतन भुगतान करने, बीमा, पीएफ की सुविधा, अनुकंपा नियुक्ति, अवकाश की सुविधा सहित अन्य मांगों को लेकर विभिन्न विभागों के अंशकालीन कर्मचारियों ने काम बंद कर प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सतपुड़ा भवन के समक्ष एकत्रित होकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच की ओर से हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे। मंच के अशोक पांडे ने बताया कि प्रदेशभर के विभिन्न विभागों में स्वीकृत पदों पर कार्यरत अंशकालीन कर्मचारियों की सरकार पिछले 18 वर्ष से उपेक्षा कर रही है । पिछले 18 वर्ष से उनके वेतन में किसी प्रकार की वृद्धि भी सरकार ने नहीं की है न ही अन्य सामाजिक सुरक्षा के लाभ अंशकालीन कर्मचारियों को दिए जा रहे हैं, इसी नाराज अंशकालीन कर्मचारी आंदोलन के लिए बाध्य हो रहे हैं। अगर कर्मचारियों की मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे।

नीलम पार्क में अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले अतिथि शिक्षकों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर मंगलवार को नीलम पार्क में प्रदर्शन किया। प्रदेश के विभिन्न स्थानों से अतिथि शिक्षक रैली के रूप में नीलम पार्क पहुंचे और यहां प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इस दौरान यहां बड़ी संख्या में पुलिस प्रशासन भी तैनात रहा। शिक्षकों ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों का निराकरण नहीं हुआ तो उग्र प्रदर्शन करेंगे।
अतिथि शिक्षक महासंघ की ओर से आयोजित इस प्रदर्शन में विभिन्न जिलों से अतिथि शिक्षक पहुंचे थे। अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के प्रदेशाध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने बताया कि अतिथि शिक्षक 15 वर्षों से बहुत ही कम मानदेय पर सेवाएं देते आ रहे हैं। इतने वर्षों का शैक्षणिक अनुभव होने के बाद भी अतिथि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित नहीं है। अतिथि शिक्षकों को कभी भी सेवा में लेकर कभी भी हटा दिया जाता है, जबकि कई राज्यों ने अतिथि शिक्षकों के हित में नीति बनाकर भविष्य सुरक्षित किया है। हमारी मांग है कि अतिथि शिक्षकों को उचित मानदेय मिले साथ ही उन्हे नियमित किया जाए। अगर हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो आने वाले समय में उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।

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