
भोपाल। केडिया ग्रुप पर आयकर छापे की कार्रवाई शुक्रवार देर रात तक चलती रही। ठिकानों पर मिले दस्तावेजों के आधार पर आयकर विभाग अब आबकारी विभाग से जानकारी मांगेगा। छापे की कार्रवाई में करोड़ों रुपए मूल्य की हजारों की संख्या में पेटिंग्स, आलीशान बंगलों के अलावा कृषि भूमि में निवेश के दस्तावेज हाथ लगे हैं। एक दर्जन बैंक लॉकर की जानकारी भी मिली है। अनुमान है कि ग्रुप ने 50 करोड़ रुपए से अधिक की कर चोरी उजागर होगी।
गौरतलब है कि आयकर विभाग ने केडिया ग्रुप के 6 राज्यों में 40 ठिकानों पर एक साथ छापामार कार्रवाई शुरू की थी। शुक्रवार को 30 ठिकानों पर जांच पूरी हो गई। विभाग के सूत्रों ने बताया शराब कारोबार पर एक्साइज विभाग का नियंत्रण होता है, इसलिए सही टैक्स आकलन के लिए आयकर विभाग एक्साइज वालों को पत्र लिखकर ग्रुप के आय-व्यय की जानकारी प्राप्त करेगा। साथ ही देखा जाएगा कि आबकारी एक्ट का उल्लंघन कर टैक्स चोरी तो नहीं की गई है।
पेंटिंग में निवेश :
संभवत: यह पहला मामला है, जिसमें किसी उद्योगपति के बड़े स्तर पर पेंटिंग में निवेश सामने आए हों। सूत्रों का कहना है कि जांच में हजारों की संख्या में पेंटिंग मिली हैं, इनकी कीमत का आकलन विभाग की नई दिल्ली की टीम द्वारा किया जाएगा।
कोलकाता रूट में गड़बड़ी :
केडिया ग्रुप अपना मुख्यालय कोलकाता में दिखा रहा है। वहां भी जांच की है, जिसमें भारी गड़बड़ी मिली है। यहां से शेल कंपनियों के संचालन होने की जानकारी भी मिली है।
12 लॉकर मिले :
केडिया ग्रुप के जिन ठिकानों पर जांच की गई, उनके डायरेक्टरों के यहां से 12 बैंक लॉकर होने की जानकारी प्राप्त हुई है। इन लॉकरों को जांच पूरी होने के बाद खोला जाएगा।
एनजीटी में सुनवाई...
नगर निगम की ओर से एनजीटी में पेश की गई शाहपुरा झील की जियोमैपिंग रिपोर्ट पर आसपास के डेवलपर्स की ओर से आपत्तियां आई हैं। सरकारी एजेंसी की बजाय प्राइवेट फर्म से सीमांकन कराने पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
एनजीटी सेंट्रल जोनल बेंच में शुक्रवार को आकाश इंगले की याचिका पर सुनवाई हुई। झील के आसपास बसी कॉलोनियों की तरफ से उनके वकील ने कहा कि उन्हें जियोमैपिंग रिपोर्ट पर आपत्ति है। इसके साथ जब मैपकास्ट द्वारा जियोमैपिंग की जाती है तो निजी फर्म से क्यों कराया गया? यह भी आपत्ति आई है कि सैटेलाइट हमेशा गतिमान रहता है इसके साथ पृथ्वी भी घूमती रहती है। इससे सैटेलाइट द्वारा की गई जियोमैपिंग के आधार पर किया गया सीमांकन कैसे सही हो सकता है।
एनजीटी ने 23 नवंबर को अगली सुनवाई में सभी आपत्तियां लिखित में पेश करने के निर्देश दिए हैं। किशोर समरीते की याचिका पर मुख्य सचिव को प्रदेश के सभी तालाबों का सीमांकन कराकर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश एनजीटी ने दिए थे। लेकिन शुक्रवार को हुई सुनवाई में भी शासन की ओर से रिपोर्ट पेश नहीं की गई।
कलियासोत मामले में मांगा लिखित जवाब :
कलियासोत नदी संबंधी सुभाष सी पांडे की याचिका पर सुनवाई हुई। इसमें नगर निगम की तरफ से पेश की गई कंप्लाएंस रिपोर्ट पर याचिकाकर्ता ने अपनी दलीलें पेश करना शुरू की। लेकिन एनजीटी ने कहा कि पहले लिखित कॉपी पेश करें।
जिन्हें नोटिस सर्व नहीं हुए उन्हें हटाया जाए: प्लास्टिक वेस्ट मामले में वकील अपूर्व पांडे ने बताया कि अभी भी 68 लोगों को नोटिस की तामीली नहीं हो पाई है। एनजीटी ने कहा कि जिन पार्टी को नोटिस सर्व नहीं हो पाए हैं उन्हें हटा सकते हैं।
Published on:
18 Nov 2017, 11:27 AM IST
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