
jhulelaal
भोपाल. सिंधी समाज के सबसे बड़े पर्व भगवान झूलेलाल चालीसा का शुभारंभ शुक्रवार को उत्साह के माहौल के साथ हुआ। इस अवसर पर बड़े तालाब के घाट शीतल दास की बगिया पर सिन्धु सेना ने भगवान झूलेलाल की आरती कर हवा में गुब्बारे छोड़े और कोरोना वायरस से मुक्ति एवं अ'छी बरसात सहित देश में खुशहाली की प्रार्थना की।
शीतलदास के बगिया पर शुक्रवार सुबह हुए कार्यक्रम में सोशल डिस्टेसिंग के साथ भक्त दूर-दूर खड़े हुए और नाव में रखी झूलेलाल की तस्वीर की आरती उतारी। इसके बाद गुब्बारे छोड़े गए। इस अवसर पर सिन्धु सेना अध्यक्ष राकेश कुकरेजा ने कहा सिंधी समाज चालीस दिन तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना करता है एवं इष्टदेव झूलेलाल जी के इस पर्व में जल की आराधना की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इन दिनों भगवान झूलेलाल वरुणदेव का अवतरण करके अपने भक्तों के सभी कष्टों को दूर करते हैं।
इस अवसर पर सुमित आहूजा ने चालीसा का महत्व बताते हुए कहा कि एक समय में पाकिस्तान के सिंध प्रांत में मिखर शाह नाम के शंहशाह ने तलवार के दम पर धर्म परिवर्तन शुरू किया। सिंध प्रांत के लोग वरूण देव के रूप में जल की पूजा-अर्चना करते थे। ने शहंशाह ने लोगों को अपने इष्टदेव के होने का प्रमाण देने को कहा। तब धर्मात्माओं ने प्रार्थना शुरू की औरआराधना के 40 वें दिन आकाशवाणी ने भगवान वरूण देव के अवतार के बारे में बताया। इसके बाद भगवान झूलेलाल ने शहंशाह को सबक सिखाने के लिए उसका महल पानी में डुबो दिया था। इस तरह भगवान झूलेलाल का चालीसा महोत्सव मनाया जाता है।
इस अवसर पर भगवान झूलेलाल जी के वेशभूषा में आशीर्वाद देने के लिए जगवानी जी एवं भक्तों मेंअनिल थारवानी, दर्शन कुकरेजा, राम भाई, रीटा बजाज ,वंदना उधवानी, माया वाधवानी, राकेश कृपलानी, विकास वाधवानी, राजेश पंजवानी, मनीष राम नानी, विक्की सदाना, अजय वाधवानी ,राजेश पेसवानी, करण लखानी, रवि बजाज उपस्थित रहे।
Published on:
16 Jul 2021 10:30 pm
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