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Karwa Chauth 2017: पत्नी के साथ सीएम भी हर साल करते हैं व्रत, छलनी से चांद, फिर साधना देखेंगी पति शिवराज का चेहरा

Karwa Chauth का चांद हमेशा छलनी से ही देखा जाता है। पर क्या आप जानते हैं छलनी से क्यों देखा जाता है चौथ का चांद...

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भोपाल। करवा चौथ सेलेब्रेशन की तैयारियां जोरों पर हैं। शहर की महिलाओं समेत, कई महिला ग्रुप भी एक साथ Karwa Chauth 2017 मनाने की तैयारी कर चुके हैं। हर साल की तरह इस साल भी प्रदेश के सीएम Shivraj Singh Chauhan की पत्नी साधना सिंह भी करवा चौथ की तैयारियों में जुटी हैं। इस बार उनके साथ सीएम शिवराज सिंह चौहान भी व्रत करेंगे।

हर साल की तरह सीएम की पत्नी साधना सिंह घर पर ही करवा चौथ व्रत करेंगी। वे सीएम हाउस में ही करवा चौथ माता का पूजन करेंगी। चांद को छलनी से देखकर अघ्र्य देकर वह पति शिवराज का चेहरा भी छलनी से देखकर पैर छूकर उनका आशीर्वाद लेंगी।

शिवराज पानी पिलाकर तुड़वाएंगे व्रत

पति शिवराज की लंबी उम्र की कामना के साधना सिंह के इस व्रत का शिवराज स्वयं उन्हें जल पिलाकर पारण करवाएंगे।

जानें क्यों छलनी से देखा जाता है चांद - Karwa Chauth Chalni Importance

कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवा चौथ का व्रत आता है। यह व्रत सुख-सौभाग्य, दांपतत्य जीवन में प्रेम बरकरार रखता है और रोग, शोक व संकट का निवारण करता है। यह व्रत शाम को चंद्र दर्शन के बाद खोला जाता है। इससे एक खास परंपरा भी जुड़ी है। Karwa Chauth का चांद हमेशा छलनी से ही देखा जाता है। पर क्या आप जानते हैं छलनी से क्यों देखा जाता है चौथ का चांद...

करवा चौथ व्रत कथा के मुताबिक - Karwa Chauth Vrat Katha

करवा चौथ व्रत की कथा के अनुसार, एक बार किसी बहन को उसके भाइयों ने स्नेहवश भोजन कराने के लिए छल से चांद की बजाय छलनी की ओट में दीपक दिखाकर भोजन करवा दिया। इस तरह उसका व्रत भंग हो गया। इसके पश्चात उसने पूरे साल चतुर्थी का व्रत किया और जब पुन: करवा चौथ आई तो उसने विधिपूर्वक व्रत किया और उसे सौभाग्य की प्राप्ति हुई। उस करवा चौथ पर उसने हाथ में छलनी लेकर चांद के दर्शन किए।

शास्त्रों के मुताबिक : पंडित अशोक कुमार शर्मा कहते हैं...

* ज्योतिष शास्त्रियों के अनुसार करवाचौथ की तिथि और कलंक का अहम संबंध है।
* शास्त्रों में चतुर्थी तिथि को रिक्ता और खला कहा गया है।
* इसलिए इस तिथि पर कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता।
* शास्त्रों में लिखा है कि चन्द्र दर्शन करने से अपकीर्ति, मानहानि और बदनामी हो सकती है।

इन बातों का रखें ध्यान

* शास्त्रों में चतुर्थ तिथि पर चन्द्र दर्शन करने की मनाही है।
* गणेश जी का पूजन करके चन्द्र देव को नीची निगाह करके अघ्र्य दें।
* लोक मान्यता के अनुसार ऐसा करने से कलंक का दोष नष्ट हो जाता है।
* यही कारण है कि करवाचौथ पर चन्द्रमा को सीधी आंखों से न देखकर छलनी या फिर परछाई में ही देखा जाता है।

इन उपायों से मिट जाते हैं कलंक

* गणेश जी को शुद्ध घी का दीपक अर्पित करें।
* मोदक का भोग लगाएं।
* "वक्रतुण्डाय हुं" मंत्र का 108 बार जाप करें।
* जल में सफेद फूल डालें, आंखें नीची करके चंद्रमा को अघ्र्य दें।

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