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चेतावनीः 2023 में फिर शुरू होगा किसान आंदोलन, दिल्ली में जुटेंगे एक लाख किसान

केंद्र सरकार को बताया किसान विरोधी, किसान हित में नहीं की गई कोई पहल

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भोपाल

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Manish Geete

Dec 12, 2022

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भोपाल। केंद्र की सरकार द्वारा किसानों के लिए आज तक कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई। साथ ही एक साल का किसान आंदोलन जो कुछ समय के लिए स्थगित किया था। वह आंदोलन 2023 में फिर शुरू होने वाला है। और इसका मुख्य केंद्र बिंदु दिल्ली रहेगा। जहां देशभर से एक लाख किसान ट्रैक्टरों के साथ इस आंदोलन में शामिल होंगे।

यह बात संयुक्त किसान मोर्चा एवं राष्ट्रीय किसान मजदूर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा कक्काजी ने सनावद में कही। वे यहां एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे।

कक्काजी (Shivkumar Sharma Kakkaji) ने बताया कि एक साल के आंदोलन के दौरान 300 से अधिक किसान शहीद हुए थे। वहीं उन किसानों को आज श्रद्धाजंलि देकर उन्हें याद करने के लिए क्षेत्र में एकत्र हुए थे। किसानों की स्थिति एक साल से लगातार आंदोलन में रहने के कारण खेत, घर, परिवार की बिगड़ गई थीं। इसलिए उस आंदोलन को कुछ समय के लिए स्थगित किया गया था। उसे समाप्त नहीं किया गया।

वहीं आंदोलन एक बार फिर से दिल्ली में शुरू होने वाला है। जिसे लेकर अभियान शुरू किया गया है। वहीं 2023 में एक लाख किसान और 2024 में 3 लाख किसान ट्रैक्टर के जरिए दिल्ली पहुंचेंगे। और केंद्र की सरकार को आगाह करेंगे।

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वहीं कक्काजी ने सवाल के जवाब में कहा कि हमारी दो प्रमुख मांगे हैं। जिसमें 2017 से शुरू हुई खुशहाली के 2 आयाम ऋण मुक्ति और पूरा दाम। स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार समर्थन मूल्य दिया जाए। उस समर्थन मूल्य को गारंटी का कानून बनाया जाए। कक्काजी ने आरोप लगाया कि सरकार के निकम्मेपन के कारण 2007 में स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं हो सकी।

यह लागू होती तो आज किसान कर्जदार नहीं होते। केंद्र की सरकार के सौतले व्यवहार के कारण ही किसान कर्जदार हुए हैं। कर्ज मुक्ति की किया जाए। कर्ज माफी हम कोई चोर नहीं है। जो हमें माफी मिले। हम किसान हैं इसलिए ऋण मुक्ति किसानों के ऋणों की जाए। साथ ही जिन्हें अनेक सवालों का जवाब देते हुए किसान महासंघ से जुड़ी हुई विभिन्न बातों पर ध्यान दिलाया।

वहीं कक्का जी ने आगे कहा कि केंद्र की सरकार किसानों के लिए योजना जरूर चला रही है। लेकिन उनका जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। योजना जरूर चल रही है। लेकिन जब तक इसका किसानों को सही लाभ नहीं मिले। ऐसी योजना चलाने से कोई मतलब नहीं। इस दौरान कार्यकारिणी के अनेक पदाधिकारी एवं किसान मौजूद थे।