
जलसंकट से जूझते कोलार में पाइप लाइन बिछाने में भेदभाव
भोपाल. नगर निगम से अलग हो रहे कोलार में सर्वधर्म से लेकर प्रियंकानगर, दानिशकुंज और गेहूंखेड़ा व आसपास के पूरे क्षेत्र के रहवासियों को बड़ा झटका लगा है। यहां केरवा प्रोजेक्ट से जलापूर्ति की उम्मीद कर रहे लोगों का इंतजार बढ़ सकता है। दरअसल नगरीय प्रशासन ने केरवा प्रोजेक्ट की ठेका कंपनी को ५० किमी की अतिरिक्त लाइन का काम करने की मंजूरी तो दी, लेकिन इसके लिए राशि देने से साफ इंकार कर दिया। कंपनी को दिए गए पत्र में नगरीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस काम को करने के लिए राशि का इंतजाम नगर निगम करेगा। अब स्थिति ये हैं कि नगर निगम तो पहले से ही तंगहाल है और कोलार के अलगाव के बाद वह मदद कर भी नहीं पाएगा। एेसे में फिलहाल केरवा से जलापूर्ति प्रोजेक्ट का फेस दो खटाई में पड़ गया है।
गौरतलब है कि कोलार में केरवा से जलापूर्ति करने ५८ करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट मंजूर हुआ था। केंद्र व राज्य की मदद से इस प्रोजेक्ट के लिए राशि मंजूर हुई। २०१० के सर्वे के आधार पर कंपनी को चार ओवरहेड टैंक, एक संपवेल समेत करीब १२ किमी की मुख्य लाइन व १६० किमी लंबी वितरण पाइप लाइन बिछाना थी। कंपनी अपने हिस्से की लाइन बिछा चुकी है, लेकिन आठ सालों में कोलार के विस्तार में करीब ५० किमी लाइन अतिरिक्त बिछाने की स्थिति बनी। इसके लिए फेस टू तैयार कर मंजूरी के लिए नगरीय प्रशासन को भेजा। यहां से हाल में कंपनी को ये जवाबी पत्र मिला है। निगम को भी पत्र दिया गया है। फिलहाल यहां की करीब ३० हजार आबादी के पास नलजल नहीं पहुंच पाया है।
नगर पालिका को करना होगी व्यवस्था
कोलार नगर पालिका बनाने के लिए अधिसूचना जारी की है और लोगों से दावे आपत्तियां मंगवाई है। सरकार ३० मार्च के तहत इस प्रक्रिया को पूरा करने का मन बना चुकी है। ३० मार्च के बाद नगर पालिका बनती है तो प्रोजेक्ट के फेस दो के लिए सबसे पहली व्यवस्था १५ करोड़ रुपए जुटाने की करना होगी। आयुक्त नगरीय प्रशासन गुलशन बामरा के अनुसार जो भी नियमों में था हमने वही किया। वैसे अभी काम चल रहा है। समय पर काम पूरा होगा।
निगम अफसरों से ठेका कंपनी की बैठक
प्रोजेक्ट का काम कर रही ठेका कंपनी ने अपने बकाया भुगतान के साथ ही नए काम को करने के लिए तय राशि पर नगर निगम के अफसरों से चर्चा की। नगर निगम के प्रभारी चीफ इंजीनियर एआर पंवार के अनुसार कंपनी की मंशा और स्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। निर्णय उन्हें ही लेना है।
Published on:
01 Mar 2019 10:25 am
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