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बड़ी खबर: अब शिक्षकों ने भी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, उग्र हुआ प्रदर्शन, सरकार सकते में

सरकार की मुश्किलें कम होने नाम नहीं ले रही हैं। सरकार के खिलाफ दो दिन मोर्चा खोले बैठे उग्र अतिथि शिक्षकों से सरकार सकते में आ गई है।

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भोपाल। मध्यप्रदेश में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं वैसे-वैसे अब प्रदेश में अतिथि शिक्षिकों का आंदोलन भी तेज होता जा रहा है। दरअसल, प्रदेशभर में अपनी सेवाएं दे रहे अतिथि शिक्षक आज दूसरे दिन राजधानी भोपाल के शाहजहांनी पार्क में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले छह माह से अतिथि शिक्षकों को मिलने वाले मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। जिसके चलते प्रदेश के अतिथि शिक्षकों की हालत खराब हो गई है। इस समस्या को लेकर मध्यप्रदेश शिक्षक संगठन ने कईबार प्रदर्शन किया। लेकिन हर बार अतिथि शिक्षकों को दिलासा ही दी गई। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि उन्हें नियमित शिक्षक और अध्यापकों के बराबर काम करना पड़ता रहा है। इसलिए उन्हें अध्यापकों के सामान वेतन दिया जाए। कार्यकर्ताओं ने बताया कि अध्यापकों को 25 हजार रुपए वेतन मिल रहा है जब कि अतिथि शिक्षकों को मानदेय के रूप में 24 सौ रुपए दिए जाते हैं।

सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 में होने को है, इसी बीच मध्यप्रदेश के लाखों अतिथि शिक्षिकों ने सरकार पर हमला बोल दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि यदि सरकार अतिथि शिक्षकों की मांगों को पूरा नहीं करती, तो पक्ष में बैठी सरकार को इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते है। वहीं इस आंदोलन का विपक्ष कांग्रेस फायदा लेने में पीझे नहीं हट रही है। कांग्रेस ने भी मध्यप्रदेश अतिथि शिक्षकों की मांगों को जायज बताते हुए अतिथियों के साथ आंदोलन में जुट गई है। इसे कांग्रेस को फायदा भी मिल सकता है।

उग्र हुआ प्रदर्शन, सरकार की नींद उड़ाएंगे
मप्र अतिथि शिक्षक संगठन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि 15 सालों से निरतर यह प्रदर्शन किया जा रहा था लेकिन हमारी मांगें पूरी नहीं हुई है। सरकार ने सिर्फ दिलासा दिया है। लेकिन इस बार लड़ाई आर-पार की होगी। अतिथि शिक्षक संघ के सत्येन्द्र नागर ने बताया कि सरकार हमारी मांगों की ओर ध्यान नहीं दे रही। मप्र अतिथि शिक्षक संगठन समिति की ओर से अतिथि शिक्षकों कर्मियों के नियमतीकरण की मांगों को लेकर अतिथि ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के खिलाफ नींद haraam आंदोलन शुरू कर दिया है।

आंदोलनों से सरकार आई सकते में
पहले आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अब अतिथि शिक्षिकों के आंदोलन से सरकार सकते में आ गई है। उधर, अतिथि शिक्षकों का कहना है कि अगर सरकार मांगों को दो दिन में पूरा करेगी तो जल सत्याग्रह करेंगे इस पर भी बात नहीं बनीं तो जल समाधि ले लेंगे। प्रदेश में स्कूल शिक्षा में कार्यरत 1,72,000 अतिथि शिक्षक को 2400 रुपए प्रतिमाह का वेतनमान दिया जा रहा है। इससे अतिथि शिक्षकों में नाराजगी है।

नियमितिकरण और वेतनवृद्धि की मांग
प्रदेश में कुल 1 लाख 72 हजार अतिथि शिक्षक हैं जिनका मासिक वेतन 2400 रूपए है। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि 15 साल से प्रदेश सरकार अतिथि शिक्षिक को मात्र दिलासा देती आयी है। हम सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। नियमितिकरण और वेतनवृद्धि को लेकर कई बार मांग कर चुके हैं लेकिन हमारी मांग पर कार्रवाई नहीं हो रही। अतिथि शिक्षकों कि मांग है कि विभागीय परीक्षा लेकर संविदा नियुक्ति दी जाए। लेकिन सरकार इसे मानने को तैयार नहीं है।

MP में 100 रुपए रोज मिलता है वेतन
भोपाल के जिला शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र शर्मा कहते हैं कि मध्यप्रदेश के शासकीय स्कूलों में प्राइमरी से लेकर हायर सेकंडरी स्कूलों तक अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की जाती है। प्रदेश में लगभग 35 से 40 हजार अतिथि शिक्षक शासकीय विद्यालयों में सेवाएं देते हैं। प्राइमरी स्कूलों में वर्ग तीन के अतिथि शिक्षक रखे जाते हैं। इन्हें प्रतिदिन 100 रुपए का मानदेय दिया जाता है। मिडिल स्कूलों में वर्ग दो के अतिथि शिक्षक रखे जाते हैं। इन्हें 150 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय दिया जाता है। जबकि हाईस्कूल और हायर सेकंडरी स्कूलों में वर्ग 1 के अतिथि शिक्षक रखे जाते हैं। इन्हें 180 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय दिया जाता है।

मध्यप्रदेश में अतिथि शिक्षकों को मानदेय
प्राइमरी स्कूल 100 रुपए प्रतिदिन
मिडिल स्कूल 150 रुपए प्रतिदिन
हाईस्कूल, हायरसेकंडरी 175 रुपए प्रतिदिन
कुलः 2400 से 30 हजार रुपए प्रतिमाह

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