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15 साल बाद कांग्रेस आज पेश करेगी बजट, आर्थिक तंगी और चुनौतियों से घिरी सरकार से राहत की उम्मीद

मध्यप्रदेश सरकार घाटे में चल रही है और सरकार अपना पहला बजट पेश करेगी। 15 साल बाद कांग्रेस मध्यप्रदेश में बजट पेश करेगी।

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भोपाल

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Pawan Tiwari

Jul 10, 2019

budget

15 साल बाद कांग्रेस आज पेश करेगी बजट, आर्थिक तंगी और चुनौतियों से घिरी सरकार से राहत की उम्मीद

भोपाल. 15 साल बाद मध्यप्रदेश की सत्ता में वापसी करने वाली कांग्रेस आज मध्यप्रदेश की बजट ( budget ) पेश करेगी। वित्त मंत्री तरुण भनोत सदन में प्रदेश की तरक्की के लिए बजट पेश करेंगे। केंद्र सरकार के बजट के बाद अब प्रदेश सरकार अपना बजट पेश करने जा रही है। बजट से लोगों को इस बार बहुत ज़्यादा उम्मीद हैं। बता दें कि दिसंबर 2018 में मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी थी। कमल नाथ ( Kamal Nath ) सरकार का ये पहला बजट है।

आर्थिक तंगी से जूझ रही सरकार
आर्थिक तंगी से जूझ रही सरकार कमलनाथ सरकार के लिए पहला बजट चुनौती पूर्ण होगा। किसान कर्जमाफी से लेकर आयुष्मान और राइट टू वाटर की चुनौती का बोझ बजट पर दिख सकता है। केन्द्रीय बजट से 2677 करोड़ के हुए नुकसान को भी समायोजित करना है। सरकार अब तक 10600 करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी है। रिकार्ड में राज्य पर 1.82 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है।

सरकार के सामने चुनौतियां
कर्जमाफी: 38 हजार करोड़ की किसान कर्जमाफी की बैंकों से समझौते के प्रयास नाकाम रहे हैं।
खस्ताहाल सड़कें: 3000 किमी सड़कें बदहाल हैं। खराब सड़कों के निर्माण व मरम्मत का दबाव होगा।
मेट्रो रेल: भारी खर्च वाला प्रोजेक्ट इसके शुरुआत में ही 6000 करोड़ से ज्यादा खर्च हो चुके हैं।

इन वर्गों को बजट से उम्मीदें
युवा वर्ग: युवा वर्ग प्रदेश में नौकरियों के लिए अवसर की उम्मीद लगाए बैठा है। इसके साथ-साथ शिक्षा के स्तर में सुधार और उसके सस्ता होने की भी उम्मीद है। युवा पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरुक है।
व्यापारी वर्ग: व्यापारी तो व्यापार में राहत की उम्मीद लगाए बैठा है। सरकार जीएसटी में राहत दे, ट्रांसपोर्टेशन चार्ज कम हो, वन विंडो सिस्टम बनाया जाए।
महिलाओं को उम्मीद: मध्यप्रदेश में बढ़ते क्राइम के बीच महिलाएं सुरक्षा को लेकर चिंतित है। महिलाओं की सुरक्षा के साथ-साथ महंगाई नियंत्रण पर भी उम्मीद है।
बुज़ुर्गों की उम्मीद: बुज़ुर्ग और पेंशनर्स चाहते हैं कि सरकार स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करें। ज़रूरी दवाइयां सस्ती हों।

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