भोपाल

चुनावी नफे-नुकसान में उलझा मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व, दो अभ्यारण्य मिलाकर बनेगा

नौरादेही और रानी दुर्गावती अभ्यारण्य को मिलाकर बनाया जाना है रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व। सरकार की ओर से नोटिफिकेशन में की जा रही देरी। चुनावी नफा-नुकसान बन रही लेटलतीफी का कारण।

2 min read
चुनावी नफे-नुकसान में उलझा मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व, दो अभ्यारण्य मिलाकर बनेगा

नौरादेही अभयारण्य को टाइगर रिजर्व बनाए जाने की राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) से करीब दो माह पहले अनुमति मिल चुकी है। नौरादेही और रानी दुर्गावती अभयारण्य को मिलाकर वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर नया टाइगर रिजर्व बनाया जाना है, लेकिन चुनाव से ठीक पहले सरकार वोटर्स को नाराज नहीं करना चाहती, इसलिए इस प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

दरअसल, इस क्षेत्र में करीब 51 गांव विस्थापन की जद में आएंगे। विरोध की आशंका को देखते हुए सरकार अभी इसे प्रदेश का सातवां टाइगर रिजर्व घोषित करने से बच रही है। ये प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व होगा। नौरादेही से 51 गांव विस्थापित किए जाने हैं। इसके लिए करीब 1000 करोड़ खर्च करने होंगे। यहां 93 में से 26 गांव विस्थापित हो चुके हैं। छह पर काम चल रहा है।


दो जिलों में फैला होगा टाइगर रिजर्व

नौरादेही अभयारण्य सागर जिले में और रानी दुर्गावती अभयारण्य दमोह जिले में स्थित है। नए टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्रफल 2339 वर्ग किमी होगा। 1414 वर्ग किमी का कोर क्षेत्र और 925.12 वर्ग किमी का बफर क्षेत्र होगा।


महाराष्ट्र से आगे निकल जाएगा

मध्य प्रदेश में नया टाइगर रिजर्व बनने पर देश के सबसे अधिक सात टाइगर रिजर्व यहां हो जाएंगे। अभी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में छह-छह टाइगर रिजर्व हैं। दूसरे नंबर पर कर्नाटक में पांच टाइगर रिजर्व हैं। नौरादेही वर्तमान में लगभग 15 बाघ हैं।


उत्तर प्रदेश से मिल चुकी है मंजूरी

पन्ना टाइगर रिजर्व में बनने जा रहे दौधन बांध से करीब 4100 हेक्टेयर जमीन डूब जाएगी। इससे ये दो भागों में बंट जाएगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत केंद्र ने यूपी और एमपी के लिए एक-एक नया टाइगर रिजर्व बनाने की शर्त रखी थी। यूपी ने चित्रकूट जिले के रानीपुर अभयारण्य को पिछले साल नया टाइगर रिजर्व घोषित किया। वन विभाग के एसीएस जेएन कंसोटिया के अनुसार नए टाइगर रिजर्व का नोटिफिकेशन जारी किये जाने की प्रक्रिया चल रही है।


सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व

कुल क्षेत्रफल में बड़ा होने के साथ ही कोर एरिया के मामले में भी यह प्रदेश में सबसे बड़े आकार वाला टाइगर रिजर्व बन जाएगा। अभी सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व सतपुड़ा है,इसके बाद कान्हा का नंबर आता है।

Published on:
14 Aug 2023 08:20 pm
Also Read
View All

अगली खबर