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CAG की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, MP में ब्लैकलिस्टेड ठेकेदारों को दिया करोड़ो का काम

CAG report: कैग की रिपोर्ट में मध्यप्रदेश में 2018-2023 के बीच बनी सड़कों में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं। ब्लैकलिस्टेड ठेकेदारों को काम देने और घटिया सामग्री उपयोग से सड़कें बदहाल हुईं।

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भोपाल

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Akash Dewani

Feb 21, 2026

Major revelation in CAG report Road construction work given to blacklisted contractors in MP News

Major revelation in CAG report in MP (फोटो- Freepik)

MP News:मध्य प्रदेश में वर्ष 2018 से 2023 के बीच लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा बनाई गई कई सड़कों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट (CAG report) में खुलासा हुआ है कि कई जगह ब्लैकलिस्टेड ठेकेदारों को ही निर्माण और मरम्मत का काम सौंपा गया। गुणवत्ताहीन सामग्री के उपयोग के कारण सड़कें बार-बार खराब हो रही हैं, जिससे आम जनता को लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ रही है। खराब सड़कों की वजह से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा है और वाहनों को भी समय से पहले नुकसान हो रहा है।

विधानसभा में पेश हुई रिपोर्ट

यह रिपोर्ट विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पेश की गई। रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि पीडब्ल्यूडी सुरक्षित और प्रभावी सड़क नेटवर्क उपलब्ध कराने में पूरी तरह सफल नहीं रहा। कई परियोजनाएं तय समय सीमा में पूरी नहीं हुईं। दीर्घकालिक मास्टर प्लान के अभाव, भूमि अधिग्रहण और मंजूरी संबंधी अड़चनों के कारण कई कार्य अधूरे या विलंबित रहे। वित्तीय प्रबंधन और बजट उपयोग में भी कमियां सामने आईं। गुणवत्ता नियंत्रण कमजोर रहा और कई स्थानों पर डिजाइन भी टिकाऊ नहीं पाई गई। सड़क सुरक्षा से जुड़े बैरियर और संकेतकों की भी कमी देखी गई।

कैग की प्रमुख अनुशंसाएं

कैग ने पीडब्ल्यूडी को कई सुधारात्मक कदम उठाने की सलाह दी है। विभाग को 10 वर्षीय मास्टर प्लान तैयार करने, डीपीआर पारदर्शिता के साथ बनाने और परियोजनाओं की डिजिटल निगरानी प्रणाली लागू करने की अनुशंसा की गई है। साथ ही, 20 प्रतिशत सामग्री का अनिवार्य परीक्षण, विलंब पर जुर्माना, अमानक कार्यों पर ठेकेदारों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और क्षेत्रीय प्रयोगशालाओं की स्थापना जैसे कदम उठाने की सिफारिश की गई है। कैग ने निविदा फाइलें उपलब्ध न कराने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की बात कही है। (MP News)