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भोपाल. एमबीबीएस छात्र अब वैकल्पिक विषय के रूप में आयुर्वेद और होम्योपैथी की पढ़ाई भी कर सकेंगे। इस पर आयुष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच सहमति बनी है। जल्द ही एमबीबीएस के साथ आयुष पैथी की विषयवस्तु तय हो जाएगी। जो छात्र आयुष पैथी की पढ़ाई करेंगे, वे आयुष अस्पतालों की ओपीडी एवं आइपीडी में इलाज करेंगे। कवायद की वजह एलोपैथी के साथ आयुष दवाओं के प्रभावी इस्तेमाल और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
नए सत्र से शुरू: अगले साल से यूजी स्तर पर एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस में नीट मेरिट से प्रवेश दिया जाना है। प्रवेश के वक्त आयुष पैथी की पढ़ाई का विकल्प पूछा जाएगा। वैकल्पिक रूप से एलोपैथी की पढ़ाई करने वालों को तीन महीने का आयुष पैथी का इंट्रोडक्शन कोर्स पढ़ाया जाएगा।
नीट से ही होंगे आयुष में भी एडमिशन
अब नीट (नेशनल एलिजबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) रैंकिंग से बीएएमएस, बीएचएमएस और बीयूएमएस में भी दाखिले होंगे। पिछले साल केंद्र सरकार ने एमबीबीएस-बीडीएस की राज्य प्रवेश परीक्षा सीपीएमटी पर रोक लगा दी थी। मामला कोर्ट पहुंचने के बावजूद 2016 के सत्र में नीट के जरिये ही दाखिला मिला। 2017 में एलोपैथी यूजी पाठ्यक्रमों के लिए 7 मई को नीट आयोजित हुई। आयुष कोर्सेस की प्रवेश परीक्षा को लेकर असमंजस बना रहा। यह हाल तब था, जब केंद्र सरकार ने 31 जनवरी को ही राज्यों को पत्र भेजकर नीट संबंधी सुझाव मांगे थे।
राष्ट्रीय मींस कम मेरिट छात्रवृत्ति परीक्षा का परिणाम घोषित
भोपाल. राज्य शिक्षा केंद्र ने राष्ट्रीय मींस कम मेरिट छात्रवृत्ति परीक्षा-2018-19 का रिजल्ट सोमवार को घोषित किया। नवंबर में आयोजित हुई इस परीक्षा में 1 लाख 29 हजार 605 छात्र शामिल हुए थे। इनमें से प्रदेशभर के 9वीं से 12वीं तक के 6285 छात्रों का चयन किया गया है। चयनित छात्रों को सालाना 12 हजार रुपए छात्रवृत्ति दी जाएगी। रिजल्ट वेबसाइट पर उपलब्ध है।
Published on:
19 Feb 2019, 8:04 AM IST
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