
मेट्रो से बढ़ेंगे गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार
भोपाल. राजधानी भोपाल में चलने वाली मेट्रो ट्रेन गोविंदपुरा ओद्यौगिक क्षेत्र को बूस्टर डोज देगी। सितंबर में ट्रेन का ट्रायल शुरू होगा और इसके बाद मेंटेनेंस के लिए कई छोटे उपकरण स्थानीय इंडस्ट्री से ही तैयार कराए जाएंगे। ऐसे करीब 300 उपकरणों की सूची है। लोकल स्तर पर ही इनका निर्माण और आपूर्ति होगी तो ओद्यौगिक क्षेत्र की संबंधित कंपनियों को लाभ मिलेगा। उन्हें काम मिलने के साथ लोकल मैन्युफैक्चरिंग में हिस्सेदारी बढ़ेगी। मेट्रो ट्रेन के लिए बोगी, कपलर, ब्रेक सिस्टम, डोर सिस्टम, एचवीएसी सिस्टम के कंपोनेंट को स्थानीय स्तर पर तैयार कराया जाएगा। इनमें छोटे बड़े एक हजार पार्ट्स होते हैं। इससे यहां के उद्योगों को ज्यादा काम मिलेगा, उसी अनुपात में यहां रोजगार भी बढ़ेंगे। इसका लाभ युवाओं को मिलेगा।
मेट्रो के ये पार्ट्स बनेंगे
मेट्रो के ये पार्ट्स भी स्थानीय उद्यमियों को देंगे काम - लिफ्ट, एस्केलेटर, टनल, वेंटिलेशन सिस्टम, पर्यावरण नियंत्रण सिस्टम, ट्रैक्शन, बिजली आपूर्ति से जुड़े उपकरण। इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल सिस्टम में केबल, डीजी सेट, लाइट फिटिंग, पैनल, यूपीएस, अग्निशमन आइटम होते हैं। इसके साथ पर्यावरण मामले में चिलर, फायर रेटेड पेंट, बूस्टर पंखे व अन्य। ट्रेक्शन व पावर सप्लाई में 750 डीसी करंट से मेट्रो दौड़ेगी। इसमें थर्ड रेल कंपोनेंट, हाइस्पीड सर्किट ब्रेकर, डीसी पैनल, रेक्टिफायर/ ट्रेक्शन सिस्टम, ट्रांसफार्मर, बायपास पैनल व अन्य उपकरण है।
वंदे भारत के पार्ट्स भेल में बनेंगे
एचईएल-टीडब्ल्यूएल (बीएचईएल-टीटागढ़ वैगन्स लिमिटेड) कंसोर्टियम को वंदे भारत ट्रेनों के निर्माण-सह-रखरखाव के लिए रेलवे के सबसे बड़े टेंडरों में से एक में 80 वंदे भारत ट्रेनों का ऑर्डर दिया गया है। 200 ट्रेनों के लिए निविदा में बीएचईएल के नेतृत्व वाला कंसोर्टियम कड़ी प्रतिस्पर्धा के तहत एल-2 बोलीदाता के रूप में आया, जिसे 80 वंदे भारत ट्रेनों के लिए अनुबंधित किया गया।
ट्रेनों की टॉयलेट शीट भी गोविंदपुरा में बन रहीं
गोविंदपुरा स्थित सीमा इंटरप्राइजेज के ताहिर खान ने बताया कि उनके पास लखनऊ स्थित रेलवे के इंजीनियरिंग कार्यालय से डिजाइन आती हैं। वे इन डिजाइनों के कोच कम्पोनेंट तैयार करते हैं। इसके बाद वे आइसीएफ, इंटीग्रल कोच फैक्टरी चेन्नई और कपूरथला भेजते हैं। जहां ये कोच में फिट किए जाते हैं। ये कंपनी जिला उद्योग केंद्र के क्लस्टर में भी शामिल है।
इनका कहना हमारी इंडस्ट्री मुख्यत: इंजीनियरिंग पार्ट्स से जुड़ी है। मेट्रो इसी सेगमेंट में है, इसका लाभ जरूर मिलना चाहिए।
- अमरजीत सिंह, उद्योगपति गोविंदपुरा
मेट्रो ट्रेन सिर्फ आवागमन ही नहीं, शहर की दशा और दिशा भी बदलेगी। नई नौकरियों के साथ उद्यमियों के लिए बेहतर रहेगी।
- मनीषसिंह, एमडी, मेट्रो ट्रेन कारपोरेशन
Updated on:
11 Jul 2023 06:08 pm
Published on:
11 Jul 2023 06:07 pm

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