
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुंगावली और कोलारस विधानसभा सीट पर चल रहा घमासान थम गया। 24 फरवरी को होने वाले मतदान से पहले भाजपा और कांग्रेस ने अपनी-अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। दोनों ही सीटों पर पहले से कांग्रेस का कब्जा रहा है। इस बार भाजपा ने भी अपनी जीत का दावा कर चुनाव को और भी दिलचस्प कर दिया है। राजनीतिज्ञों की माने तो इस चुनाव के रिजल्ट के बाद यह अनुमान लगाया जा सकेगा कि पांच माह बाद होने जा रहे मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में भाजपा रहेगी या कांग्रेस फिर सत्ता में आएगा। इस उपचुनाव का रिजल्ट 28 फरवरी को आएगा।
इधर इस उपचुनाव में दिग्गजों के कूदने के कारण स्थानीय प्रत्याशियों से अधिक अब चुनाव दिग्गजों के बीच माना जा रहा है। भाजपा से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रचार में कूदे हैं, तो कांग्रेस से ज्योतिरादित्य सिंधिया। उन दिग्गजों के कारण भी यह चुनाव पांच माह बाद होने जा रहे विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है। सिंधिया खुद लोगों से कह रहे हैं कि यह चुनाव भाजपा-कांग्रेस का न होकर शिवराज और मेरा चुनाव है। इसलिए आप को तय करना है कि शिवराज चाहिए या सिंधिया।
हमें 5 माह दो, हम 5 साल का विकास देंगे : शिवराज
सीएम शिवराज ने अपने दौरे में जनता को देखते ही भाजपा प्रत्याशी बाईसाहब यादव को जिताने का अनुरोध करते हैं। फिर वाहन से उतर कर लोगों के बीच पहुंचते हैं। वे एक ही बात दोहराते हैं, यहां के सांसद (ज्योतिरादित्य सिंधिया) को 15 साल दिए। हमें सिर्फ पांच महीने दे दो। हम पांच साल का विकास देंगे। नहीं दे पाए तो हरा देना।
भाजपा-कांग्रेस नहीं, मेरा और शिवराज का चुनाव : सिंधिया
उपचुनाव से अपना सियासी कद बढ़ाने में पूरी ताकत लगा रहे सिंधिया गांवों में कहते हैं, ये भाजपा-कांग्रेस का नहीं, शिवराज और मेरा चुनाव है। आप को तय करना है कि शिवराज चाहिए या सिंधिया। खुली जीप में पगडंडियों पर घूम रहे सिंधिया एक ही बात कहते हैं, सिर्फ कांग्रेस उम्मीदवार ब्रजेश यादव की जीत नहीं, भाजपा की जमानत जप्त होनी चाहिए।
दिल्ली से नजर, रामलाल ले रहे उपचुनाव की रिपोर्ट
मुंगावली और कोलारस उपचुनाव के अभी तक के फीडबैक ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की नींद उड़ा दी है। अब पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल चुनाव को मॉनीटर कर रहे हैं। वे प्रदेश के संगठन महामंत्री सुहास भगत से नियमित रिपोर्ट ले रहे हैं।
राजस्थान में हुए उपचुनावों में भाजपा को मिली करारी हार के बाद प्रदेश में मुंगावली-कोलारस उपचुनाव अलर्ट पर हैं। पिछले दिनों पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और मध्यप्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे ने दोनों जगह का दौरा किया था। सूत्रों के मुताबिक सहस्त्रबुद्धे के फीडबैक और आईबी की रिपोर्ट के बाद पार्टी ने यहां दिल्ली से नियंत्रण बढ़ा दिया है।
उधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार ङ्क्षसह चौहान, प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र ङ्क्षसह तोमर और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा से 22 फरवरी की शाम प्रचार समाप्त होने तक मुंगावली और कोलारस में ही रुकने के लिए बोला गया है।
चुनाव आयोग के फैसलों से बढ़ी चिंता
उपचुनाव प्रचार के दौरान मतदाताओं को धमकाने के आरोप से घिरीं खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया को चुनाव आयोग के नोटिस से भी पार्टी चिंता में है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी का मानना है कि यह मामला चुनाव में स्थिति डैमेज कर सकता है। ऐसे में पार्टी ने अपने नेताओं को आचार संहिता की परिधि में रहकर काम करने के निर्देश दिए भी हैं।
Updated on:
23 Feb 2018 10:02 am
Published on:
22 Feb 2018 05:00 pm
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