
हेडिंग- जिले में शिक्षा विभाग के 989 कर्मियों के घर तीसरी संतान, शोकॉज पर 510 ने भेजे जवाब... विभाग को बहाना सच नहीं लगा तो हो सकती है कार्रवाई
भोपाल. स्कूल शिक्षा विभाग के तहत विदिशा जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) की ओर से 19 फरवरी को जिले के कर्मचारियों-शिक्षकों को तीसरी संतान के संबंध में भेजे गए कारण बताओ नोटिस को लेकर जवाब आने लगे हैं। जिले के 989 शिक्षक, क्लर्क और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ऐसे हैं, जिनके घर 26 जनवरी 2001 के बाद तीसरी संतान हुई है। शासन के नियमानुसार ऐसे कर्मचारी शासकीय सेवा के लिए पात्र नहीं हैं, जिनका पक्ष जानने के लिए डीईओ कार्यालय की ओर से कारण पूछा गया है। अब तक 510 कर्मचारियों के लिखित जवाब आ चुके हैं। इनमें से कुछ के बड़े रोचक बहाने आए हैं तो कुछ ने तार्किक रूप से अपने प्रकरण को समझाने की कोशिश की है। इन्हें अपने जवाब देने के लिए 10 अप्रेल तक समय दिया गया है। इसके बाद डीईओ प्रकरण की सूची मय कारण मुख्यालय यानी भोपाल स्थित लोक शिक्षण संचालनालय भेज देंगे। इन तमाम बहानों में से जिनको सच नहीं माना जाएगा, उन पर कार्रवाई हो सकती है।
विधानसभा में प्रश्न लगा तो डीईओ ने मंगवाई जानकारी
विदिशा के जिला शिक्षा अधिकारी अतुल मुद्गिल बताते हैं कि विधानसभा के बजट सत्र में विधायक की ओर से इस संबंध में प्रश्न लगा था। वहां जानकारी प्रस्तुत करने के लिए ऐसे कर्मचारियों की सूची बनाई गई थी, जिसमें 989 के नाम आए। इसके बाद इन्हें 19 फरवरी को परिपत्र जारी कर कारण बताओ को नोटिस जारी किया गया। मुद्गिल के अनुसार मप्र सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-उपनियमों के तहत तीसरी संतान का होना कदाचरण की श्रेणी में आता है। 15 दिन के बाद भी उत्तर प्रस्तुत नहीं करने वाले को लेकर माल लिया जाएगा कि संबंधित को कुछ नहीं कहना है। एकपक्षीय कार्रवाई का निर्णय ले लिया जाएगा।
कार्रवाई के लिए मुख्यालय भेजेंगे
अभी तक जिले के 510 कर्मचारियों के जवाब आए हैं, इसके बाद 10 अप्रेल तक की समय-सीमा तय रखी गई है। इसके बाद भी अगर कोई जवाब नहीं देता है तो उसे एक नोटिस और दिया जाएगा। इसके बाद कार्रवाई के लिए सूची बनाकर मुख्यालय भेज दी जाएगी।
- अतुल मुद्गिल, जिला शिक्षा अधिकारी, विदिशा
Published on:
04 Apr 2022 10:43 pm

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