MP News: यह कहावत सच ही है कि बेटियां पापा की परी होती हैं। 12 साल की मासूम को मां के पास रहना रास नहीं आया। 12 वर्षीय मासूम बेटी अपनी मां को बिना बताए पांच किलोमीटर दूर रह रहे पिता से मिलने घर से पैदल ही निकल पड़ी। इस बीच मिली पुलिस और फिर...।
MP News: जब समाज के रिश्तों की डोर उलझ जाती है, तब एक मासूम दिल उसे सुलझाने के लिए ख़ुद चल पड़ता है। शहर में शुक्रवार को कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। 12 वर्षीय मासूम बेटी अपनी मां को बिना बताए पांच किलोमीटर दूर रह रहे पिता से मिलने घर से पैदल ही निकल पड़ी। इस बीच टूटते रिश्ते में भरोसे की डोर बनकर सामने आई पुलिस ने बेटी को पिता से मिलवाया। पिता को देखते ही पापा की परी खुशी से उछल पड़ी और अंगुली पकड़कर उनके साथ घर की ओर चल पड़ी।
घर में कलह और झगड़ेे के बाद करीब दो साल पहले मासूम के माता-पिता का तलाक हो गया। मां ने दूसरी शादी कर ली और 12 साल की बेटी पिता के साथ रहने लगी। कुछ दिन पहले मां ने बेटी को अपने पास बुलाया था। मां के पास रह रही बेटी को अचानक पिता की याद आई तो वह बिना बताए ही पिता से मिलने घर से पैदल ही निकल पड़ी।
कोहेफिजा थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल शुक्ला ने बताया कि प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर लालघाटी चौराहे पर टीम के साथ ड्यूटी पर थे। इस दौरान शाम करीब 6 बजे बच्ची अकेली और मायूस दिखी।पूछताछ की तो उसने पूरी कहानी बताई। इसके बाद महिला पुलिसकर्मी के साथ बच्ची को मां के पास भिजवाया।
यह कहावत सच ही है कि बेटियां पापा की परी(Papa ki Pari) होती हैं। 12 साल की मासूम को मां के पास रहना रास नहीं आया, लेकिन पिता को देखते ही वह खुशी से उछल पड़ी। पुलिस ने माता-पिता की काउंसिलिंग कराने के बाद बेटी को पिता के साथ भेज दिया।