2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दो बड़ी परियोजनाओं से बदल जाएगी 4422 गांवों की तस्वीर, इतने जिलों को होगा फायदा

Ken-Betwa and Parvati Kalisindh Chambal Link Project: मध्यप्रदेश में दो परियोजनाओं के शुरु होने से हजारों गांवों को बड़ा फायदा होने जा रहा है।

2 min read
Google source verification
mp link project

Ken-Betwa and Parvati Kalisindh Chambal Link Project: मध्यप्रदेश में शुरु होने जा रही परियोजनाओं से कई गांवों की तस्वीर बदलने जा रही है। ये योजनाएं केन-बेतवा लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना हैं। इन दोनों परियोजनाओं के चलते प्रदेश के 23 जिलों के 4422 गांवों में बड़ा बदलाव होगा। जहां आर्थिक स्थिति बेहतर हो जाएगी।

Ken-Betwa Link Project से बदेलगी कई गांवों की तस्वीर


केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट से मध्यप्रदेश के 10 जिलों छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा और सागर के किसानों को बड़ा फायदा होगा। जिससे 44 लाख किसान परिवार लाभान्वित होंगे। साथ उत्तर प्रदेश के 21 लाख आबादी को पानी की सुविधा मिलेगी।

पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना से पहुंचेगा पानी


पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना से मालवा और चंबल की तस्वीर बदल जाएगी। जिससे आर्थिक क्षेत्र में बड़ा फायदा होगा। प्रदेश के 13 जिलों गुना, मुरैना, शिवपुरी, भिंड, श्योपुर, उज्जैन, सीहोर, मंदसौर, इंदौर, धार, आगर मालवा, शाजापुर और राजगढ़ जिलों के 3217 गांवों इस परियोजना का बड़ा फायदा होगा। जिससे सिंचाई के लिए पानी भी मिलेगा।

Parvati Kalisindh Chambal Link Project में गुना के 637, मुरैना के 635, शिवपुरी के 470, भिंड के 440, श्योपुर के 278, उज्जैन के 238, सीहोर के 110, मंदसौर के 147, इंदौर के 75, देवास के 74, आगर मालवा के 73, शाजापुर के 21 और राजगढ़ के 19 गांव शामिल हैं। इस परियोजना में सबसे ज्यादा गुना के गांव शामिल हैं।

लबालब हो जाएंगे तालाब


केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत 221 किलोमीटर लंबी नहर बनाई जाएगी। जिसमें दो किलोमीटर की सुरंग भी होगी। जिससे सूखे पड़े चार हजार तालाबों में पानी आ जाएगा। साथ ही छतरपुर जिले 3 लाख 11 हजार 151 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होगी।

-44 हजार 605 करोड़ रुपए है केन-बेतवा लिंक परियोजना के स्वीकृत राशि
-आठ साल में पूरा होगा काम
-एमपी के 41 लाख किसानों को होगा फायदा

Story Loader