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तबलीगी मरकज मामले में जमातियों की कॉल डिटेल खंगाल रही साइबर पुलिस

केंद्रीय इंटेलिजेंस की रिपोर्ट में आधे लोगों के नाम नंबर और पते शामिल लेकिन ज्यादातर लोगों की जानकारियां अधूरी
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भोपाल

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Neelendra Kumar

•

Updated: 5 Apr 2020, 2:57 AM IST

MP Police Trying to Get Call Details of the People Attended Tablighi

तबलीगी मरकज मामले में जमातियों की कॉल डिटेल खंगाल रही साइबर पुलिस

भोपाल. नई दिल्ली स्थित निजामुद्दीन तबलीगी मरकज में शामिल हुए लोगों के पता ठिकाना निकालने में मध्य प्रदेश पुलिस को पसीना छूट रहा है। चार दिन पहले केंद्रीय इंटेलिजेंस ब्यूरो ने जिन लोगों की सूची भेजी थी उनमें से आधे लोगों के मोबाइल नंबर और पते ही इस सूची में दर्ज हैं। केंद्रीय गृह विभाग ने साफ किया था कि बाकी के लोगों का पता लगाने की जिम्मेदारी राज्य शासन और स्थानीय पुलिस प्रशासन की है।

जानकारी देने के लिए अपील
पुलिस अब तक इस मामले में 150 से ज्यादा लोगों को ट्रेस कर चुकी है। डीजीपी विवेक जौहरी ने बताया कि जिन लोगों के पते ठिकाने सूची में दर्ज नहीं है उनकी जानकारियां हासिल करने के लिए साइबर पुलिस की मदद ली जा रही है। साइबर पुलिस की भोपाल इंदौर जबलपुर ग्वालियर सहित अन्य शहरों की लोकल सेल को सक्रिय कर दिया गया है। अब तक जो जमाती इन शहरों में मिले हैं उनके मोबाइल नंबर की पिछले दो महीने की कॉल डिटेल निकालकर यह देखा जा रहा है कि और कौन-कौन से लोग दिल्ली सामूहिक रूप से गए थे। कॉल डिटेल के आधार पर संबंधित व्यक्ति के संपर्क में आए बाकी जमाती लोगों की जानकारियां जुटाने में पुलिस को तीन से चार दिन का और वक्त लग सकता है। डीजीपी ने कहा कि हमने सभी जमाती वर्ग से यह अपील की है कि वह साथ आने-जाने वाले बाकी गुमशुदा लोगों की जानकारियां पुलिस को जल्द से जल्द उपलब्ध करवाएं ताकि उन लोगों की मेडिकल जांच कर इलाज की व्यवस्था करवाई जा सके। पुलिस की अपील पर कई लोगों ने मदद शुरू कर दी है, लेकिन अभी भी 100 से ज्यादा ऐसे लोगों का पता लगाना बाकी है जो इंटेलिजेंस ब्यूरो के मुताबिक मध्यप्रदेश के जिलों में छिपे हुए हैं और दिल्ली में हुए आयोजन में शामिल हुए थे। पुलिस महानिदेशक जौहरी ने इंदौर में कानून व्यवस्था बिगाडऩे वाले रहवासी इलाकों का दौरा करने के बाद जोन पुलिस अधिकारियों से मामले में पूरी सख्ती के साथ निपटने के निर्देश दिए हैं।

साइबर पुलिस का काम आसान
डीजीपी विवेक जौहरी ने बताया कि 150 से ज्यादा लोगों के नाम और पते केंद्रीय इंटेलिजेंस ब्यूरो ने अपने स्तर पर ही पुख्ता करके मध्य प्रदेश पुलिस को भेज दिए हैं। मध्य प्रदेश साइबर सेल इन मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकाल रही है जिससे काम जल्दी निपट जाएगा। कॉल डिटेल के आधार पर संबंधित व्यक्तियों को तत्काल ट्रेस किया जाएगा और उनकी मेडिकल जांच करने के बाद कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो जाएगी।