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दो IAS में ठनी, एक बोला- मुझसे स्वीपर का काम करा रहे ‘वो’

काम के बंटवारे को लेकर दो आईएएस में बढ़ा टकराव, शिकायत के साथ सीएम को भेजी बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग

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Anwar Khan

Jul 12, 2016

ramesh thete and radheshyam julaniya

ramesh thete and radheshyam julaniya

भोपाल। प्रदेश के दो वजनदार आईएएस आमने-सामने हैं। ग्रामीण विकास सचिव आईएएस रमेश थेटे ने विभाग के अपर मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानिया के खिलाफ सीएम को पत्र लिखकर कहा है कि जुलानिया ने उनके अधिकार छीन लिए हैं। महज शौचालय बनवाने और साफ कराने का काम देकर मुझे स्वीपर बनाकर रख दिया है।

थेटे सरकार के अन्याय के खिलाफ पहले भी आवाज उठा चुके हैं। थेटे का कहना है कि दलित होने के कारण उनसे अछूत की तरह व्यवहार किया जा रहा है। जातिवादी अधिकारी जुलानिया ने अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार-निवारण अधिनियम 1989 का उल्लंघन किया है इसलिए जुलानिया के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएं। कार्रवाई नहीं होती है तो अन्यायपूर्ण व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन करूंगा।

जुलानिया का बनाया ऑडियो
थेटे ने जुलानिया से बातचीत की ऑडियो रिकाॢडंग सीएम को भेजी है। इसमें जुलानिया उनकी बात सुनने से इंकार कर रहे हैं।

यह है वजह
ग्रामीण विकास विभाग में सचिव के पास पूरे विभाग के काम रहते हैं, लेकिन जुलानिया ने थेटे को महज दस प्रकार के काम दिए हैं। इनमें ज्यादातर काम बाबूगीरी जैसे ही हैं। इसमें सूचना का अधिकार-जनसुनवाई, आयोग शिकायतें-ऑडिट, न्यायालय प्रकरण, सीएम व सीएस मॉनिटरिंग, समन्वय, विधानसभा आदि शामिल हैं। थेटे का कहना है कि उनसे पूरे अधिकार ले लिए गए हैं और महज शौचालय निर्माण और सफाई का काम दिया गया है। इससे पहले सारे सचिवों को विभाग के अधिकतर अधिकार रहे हैं।

थेटे का पक्ष
थेटे का कहना है कि जब जुलानिया से बात की तो उन्होंने कहा कि मंत्री गोपाल भार्गव उन्हें अधिकार नहीं देना चाहते है। इस पर थेटे ने भार्गव से पूछा तो उन्होंने इनकार करते हुए कहा कि जुलानिया ने जो प्रस्ताव दिया, उसे ही मंजूरी दी है।

शिकायत आएगी तो देखूंगा
जितना काम दिया है, उसमें ही यदि कोई काम करना चाहे तो कभी फुर्सत तक नहीं मिले। फिर भी अभी मैंने थेटे का पत्र नहीं देखा है, इसलिए उस पर कुछ नहीं कह सकता। जब शिकायत मेरे पास आएगी तब देखूंगा।
- राधेश्याम जुलानिया, अपर मुख्य सचिव, ग्रामीण विकास व जल संसाधन विभाग

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