ग्रामीण विकास विभाग में सचिव के पास पूरे विभाग के काम रहते हैं, लेकिन जुलानिया ने थेटे को महज दस प्रकार के काम दिए हैं। इनमें ज्यादातर काम बाबूगीरी जैसे ही हैं। इसमें सूचना का अधिकार-जनसुनवाई, आयोग शिकायतें-ऑडिट, न्यायालय प्रकरण, सीएम व सीएस मॉनिटरिंग, समन्वय, विधानसभा आदि शामिल हैं। थेटे का कहना है कि उनसे पूरे अधिकार ले लिए गए हैं और महज शौचालय निर्माण और सफाई का काम दिया गया है। इससे पहले सारे सचिवों को विभाग के अधिकतर अधिकार रहे हैं।