
भोपाल। नगर निगम भोपाल शहर के करीब एक लाख से अधिक नागरिकों से दोगुना टैक्स वसूलने की तैयारी में है। ये वे लोग हैं जिन्होंने 2021-22 का टैक्स जमा नहीं किया है। नगरीय प्रशासन के नियमानुसार इन्हें 31 अगस्त तक 50 फीसदी तक की छूट देय है।
इसके बाद संपत्ति कर से लेकर समेकित कर, जलकर दोगुना हो जाएगा। नगर निगम के करीब साढ़े चार लाख संपत्ति करदाताओं में से एक लाख ने अब तक टैक्स जमा नहीं किया। इनसे निगम छूट समाप्त होते ही दोगुना कर वसूलने की तैयारी में है।
कम से कम 28 हजार की होगी वसूली
1000 वर्गमीटर भूखंड पर 310 रुपए वर्गमीटर की दर से वार्षिक भाड़ा मूल्य की गणना करने पर राशि 3.10 लाख रुपए की राशि बनती है।
दस फीसदी रखरखाव शुल्क कम करने पर राशि 2.79 लाख रुपए रह जाती है। इसका दस फीसदी तक संपत्तिकर वसूली का नियम है। ऐसे में संपत्तिकर 27 हजार 900 रुपए बनता है।
ऐसे समझें, कैसे बढ़ेगा टैक्स
- 1000 वर्गमीटर का भूखंड है तो अभी 31 हजार 340 रुपए की वसूली होगी।
-31 अगस्त के बाद राशि 53 हजार 660 रुपए यानि लगभग दोगुनी हो जाएगी।
-संपत्तिकर समेत अनिवार्य समेकित कर, समेकित कर, जलकर, शिक्षा उपकर दोगुना वसूला जाएगा।
50 फीसदी छूट के नियम से अभी आधा टैक्स
शासन के नियमों के तहत स्वयं के निवास वाले भवन को संपत्तिकर में अभी 50 फीसदी छूट से राशि अभी 13 हजार 950 रुपए बन रही है। इसके साथ 250 रुपए अनिवार्य समेकित कर लिया जा रहा है। संपत्तिकर कर का 20 फीसदी समेकित कर लगाया जा रहा है जो 2790 रुपए बन रहा है। संपत्तिकर का 20 फीसदी जलकर केे रूप में 2790 रुपए जोड़े जा रहे हैं। वार्षिक भाड़ा मूल्य का तीन फीसदी शिक्षा उपकर के तहत 8770 रुपए और जुड़ रहे हैं। एक फीसदी नगरीय विकास शुल्क लिया जा रहा। ये 2790 रुपए राशि बन रही है।
निगम टैक्स पहले और बाद में-
कर - 31 अगस्त तक - एक सितंबर से
संपत्तिकर - 13950 - 27900
अनिवार्य समेकित कर - 250 - 250
समेकित कर - 2790 - 5580
जलकर - 2790 - 5580
शिक्षा उपकर - 8770 - 8770
नगरीय विकास शुल्क - 2790 - 5580
कुल - 31340 - 53600
(राशि रुपए में। यह 1000 वर्गमीटर क्षेत्रफल के भवन पर 310 रुपए प्रति वर्गमीटर की दर से कर की गणना है)
700 करोड़ रुपए वसूली का लक्ष्य, अभी 350 करोड़ रुपए ही जमा हुए
नगर निगम ने कर वसूली का लक्ष्य 750 करोड़ रुपए के करीब रखा हुआ है। हालांकि इतनी वसूली नहीं हो पाती। बीते वित्तवर्ष में 350 करोड़ रुपए तक की वसूली हो पाई थी। निगम को वसूली बढ़ाने के लिए नए संपत्तिकर खाते खोलने होंगे। हालांकि अब निगम संपत्तिकर की आईडी से ही जल उपभोक्ता प्रभार यानि नल का कनेक्शन भी जोड़ रहा है।
शासन के नियमों के तहत ही छूट दी जा रही है और राशि की वसूली भी नियमों के तहत ही है। इसमें किसी तरह की अतिरिक्त राशि लेने की योजना वाला मामला नहीं है।
- केवीएस चौधरी, निगमायुक्त
Published on:
27 Aug 2022 08:20 am

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