
नाग पूजा का पर्व नागपंचमी सोमवार को मनाया जाएगा
भोपाल. नाग पूजा का पर्व नागपंचमी सोमवार को मनाया जाएगा। इस मौके पर घर-घर पूजा होगी। एक धारणा के अनुसार नागपंचमी पर कई लोग नागदेवता के दर्शन करवाने के लिए शहर में घूमते हैं और लोग भी नाग को दूध पिलाते हैं, लेकिन विद्वानों का कहना है कि यह धारणा गलत है। इस दिन नाग को दूध पिलाने का कोई विधान नहीं है, बल्कि नाग द्वारा दूध पीना उनके लिए कष्टकारी होता है, इसके कारण कुछ दिनों के बाद नाग की मृत्यु हो जाती है।
नागपंचमी इस बार सोमवार के दिन आने से इसका महत्व बढ़ गया है। इस दिन लोग घरों में भित्ती चित्र के जरिए नागदेवता की आकृति बनाकर पूजा अर्चना करेंगे। घरों में विशेष पूजा अर्चना, हवन होंगे, इसी तरह शिव मंदिरों में भी नागपंचमी के मौके पर बड़ी संख्या में दर्शनार्थी दर्शन के लिए पहुंचेंगे। नाग दोष से मुक्ति के लिए भी यह दिन काफी विशेष माना गया।
ठंडक के लिए किया जाता है दूध का छिडकाव: ज्योतिष मठ संस्थान के पं. विनोद गौतम का कहना है कि शास्त्र में नाग को दूध पिलाने का उल्लेख नहीं है, बल्कि दूध पीना नागदेवता के लिए कष्टकारी होता है। नाग जाति को ठंडक प्रिय होती है, इसलिए इस दूध का छिड$काव किया जाता है। नागपंचमी पर भी प्रतीकात्मक रूप से चांदी के नाग के जरिए नाग की आकृति बनाकर दूध से अभिषेक और पूजा अर्चना करना चाहिए।
कई दिनों तक रखते हैं सर्प को भूखा
सर्प विशेषज्ञ मो. सलीम का कहना है कि सांप कभी दूध नहीं पीता है। एक गलत धारणा के कारण सापों की कई प्रजातियां खत्म हो रही हैं। सपरे अपने स्वार्थ के लिए सांपों के दांत तोड़ देते हैं और जहर की पोटली निकाल लेते हैं। फिर 15 दिनों तक उन्हें भूखा रखा जाता है और 15वें दिन दूध देते है, इस समय सांप भूखा होता हैं और वह दूध पानी समझकर पी लेता है। दूध पीने से उसके मुंह में मवाद बनता है और कुछ समय बाद उसकी मृत्यु हो जाती है। इसलिए सांप को दूध न पिलाए, बल्कि इस दिन मंदिर जाकर पूजा करें।
Published on:
21 Aug 2023 12:12 am

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