30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

NLIU: परीक्षा रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर बदले गए छात्रों के रिजल्ट!

एनएलआईयू में फेल छात्रों को डिग्री देने का मामला, असिस्टेंट रजिस्ट्रार को दी गई चार्जशीट से सामने आयी बात।

2 min read
Google source verification
NLIU Bhopal

भोपाल। नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी (एनएलआईयू) में फेल छात्रों को बीएएलएलबी की डिग्री दे दी गई। इसके लिए परीक्षा शाखा के असिस्टेंट रजिस्ट्रार रंजीत सिंह को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। असिस्टेंट रजिस्ट्रार को जारी की गई चार्जशीट भी सामने आयी है। इसके अनुसार परीक्षा के रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर छात्रों के रिजल्ट को बदला गया है।

इसके अलावा इंटरनल जांच कमेटी को टेबुलेशन चार्ट व अवार्ड लिस्ट भी उपलब्ध नहीं कराई गई। साथ ही रिजल्ट के रिकार्ड को अच्छे तरीके से व्यवस्थित भी नहीं किया गया। इसके चलते सिंह को गंभीर अनुचित गतिविधि में लिप्त बताया गया है। रिजल्ट के रिकार्ड यानी टेबुलेशन चार्ट व अवार्ड लिस्ट में टीचर द्वारा दिए गए माक्र्स के साथ टेंपरिंग की गई है। यह टेंपरिंग जिम्मेदार अधिकारी के संज्ञान में लाए बिना की गई है। इसके कारण गड़बड़ी की बात सामने आ रही है।

इसके साथ ही छात्रों का रिजल्ट मेल नहीं खा रहा है। रिजल्ट के रिकार्ड को सही तरीके से व्यवस्थित करके नहीं रखा गया। वहीं इंटरनल जांच कमेटी को भी कुछ टेबुलेशन चार्ट व अवार्ड लिस्ट उपलब्ध नहीं कराने के मुद्दे को भी गड़बड़ी का बड़ा कारण बताया गया है। असिस्टेंट रजिस्ट्रार द्वारा शुचिता और विश्वास का उल्लंघन किया गया है। इसके अलावा अपने कर्तव्यों का सही ढंग से पालन नहीं किया गया।

एनएलआईयू के डायरेक्टर डॉ.एसएस सिंह से सीधी बात...
प्रश्न : फेल छात्रों को डिग्री दे दी गई फिर भी अभी तक एफआईआर दर्ज क्यों नहीं कराई जा रही है?
जवाब : कार्यपरिषद के निर्णय के अनुसार जांच कराई जा रही है। इसलिए रिपोर्ट आने के बाद से कार्यपरिषद में रखा जाएगा। इसके बाद भी निर्णय होगा, क्या करना है क्या नहीं ?

प्रश्न : आप एनएलआईयू के प्रमुख अधिकारी हैं। डायरेक्टर होने के नाते कार्रवाई क्यों कर सकते हैं?
जवाब : यदि यह कार्रवाई मेरे द्वारा की जा रही होती तो मैं सोचता कि आगे मुझे क्या करना है।

प्रश्न : तो कार्यपरिषद की बैठक के एजेंण्डा में तो आप प्रस्ताव क्यों नहीं रखते ?
जवाब : कार्यपरिषद की जब मीटिंग होगी तब उसमें एजेंडा जाएगा। लेकिन पहले रिपोर्ट आएगी तब ही एेसा कर सकते हैं।

प्रश्न : रिपोर्ट आने से पहले कार्यपरिषद की बैठक होती है तो उसके एजेंडा में शामिल नहीं किया जा सकता?
जवाब : तो यह प्री-मैच्योर एक्शन हो जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई तय हो सकेगी। हमारे यहां के नियम कुछ अलग हैं, उसी के अनुसार कार्रवाई होगी।

प्रश्न : लेट-लतीफी के चक्कर में दूसरे छात्र प्रभावित होने लगे तो क्या करेंगे?
जवाब : जिसका नाम भी शामिल होगा वह सामने आएगा ही। मानलो, हम और आप परीक्षा दिए हैं और पेपर हमारा क्लियर नहीं हुआ है और डिग्री मार्क शीट मिल गई तो हमको तो पता ही होगा। जो फेयर स्टूडेंट है वह क्यों घबराएगा।

प्रश्न : छात्रों की डिग्री कैंसिल करेंगे क्या और कब ?
जवाब : इंटरनल कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर रिटायर्ड हाईकोर्ट के जस्टिस को जांच सौंपी है। वे जैसी अनुशंसा करेंगे वैसी कार्रवाई की जाएगी। इंटरनल कमेटी की रिपोर्ट को तो कोई भी चैलेंज कर सकता है। असिंस्टेट रजिस्ट्रार एनएलआईयू रंजीत सिंह ने कहा कि इस मामले में अभी मैं कुछ नहीं कहूंगा। मैं अभी कुछ कहूंगा तो मेरे खिलाफ ही चला जाएगा। मैं अभी यह भी नहीं बता सकता हूं कि कौन दोषी है और कौन निर्दोष है। जांच अभी आधी भी नहीं हुई है।

Story Loader