-परेशान हो रहे मरीज, कर्मचारियों से नहीं मिले स्वास्थ्य मंत्री-नर्सों के साथ फार्मासिस्ट, रोगी कल्याण समिति के कर्मचारी समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल पर
भोपाल. स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों में तीन दिन से हड़ताल जारी है। नर्सिंग ऑफिसर, फार्मासिस्ट समेत अन्य कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात करने पहुंचे। मगर
मुलाकात नही हो सकी। इसके बाद नर्सिंग ऑफिसर व फार्मासिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक मांगे नहीं मानी जाएंगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। ऐसे में लगातार चौथे दिन भी
मरीजों को राहत नहीं मिलती नजर आ रही है।
तीन दिन में टले 35 ऑपरेशन
तीन दिन से लगातार जारी हड़ताल का सबसे अधिक प्रभाव शहर के 5 अस्पतालों में नजर आ रहा है। साथ ही अब तक शहर के अलग-अलग अस्पताल में 35 के करीब ऑपरेशन टाले जा चुके हैं।
जिसमें सबसे अधिक ऑपरेशन जेपी अस्पताल में टाले गए हैं। इसके साथ ही मरीजों को दवाएं मिलना भी मुश्किल हो रहा है। आयुष के जिन ट्रेनी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें कई दवाओं
की जानकारी नहीं है। ऐसे में दवा स्टोर में होने के बाद भी मरीजों को नहीं मिल रही है।
निजी मेडिकल कॉलेज से बुलाए 100 कर्मचारी
अस्पतालों में व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए निजी मेडिकल कॉलेजों से लगभग 100 कर्मचारी बुलाए गए हैं। अकेले जेपी अस्पताल में 45 नर्सों को बुलाया गया है। इनके साथ 25 के करीब संविदा
नर्सें भी काम कर रहीं हैं। मगर यहां हड़ताल पर चल रही रेगुलर नर्सों की संख्या 170 के करीब है। इसी तरह काटजू अस्पताल में भी व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। मगर यहां मरीजों की संख्या कम
होने से सर्जरी को छोड़ बाकी व्यवस्थाओं पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है।
इन अस्पतालों में असर
जेपी अस्पताल
काटजू अस्पताल
कोलार स्वास्थ्य केंद्र
बैरागढ़ सिविल अस्पताल
बैरसिया सिविल अस्पताल
वर्जन
संगठन मांग के संबंध में स्वास्थ्य मंत्री से मिलने पहुंचे थे। मगर मुलाकात नहीं हो सकी। अब गुरुवार शुबह नौ बजे का समय मिला है। इसके बाद ही आगे की रणनीति पर फैसला होगा।
-अंबर चौहान, प्रदेश प्रवक्ता, स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी महासंघ