खतरनाक पेस बैटरी भारत में भी तैयार करने की कवायद की जा रही है। इसकी शुरुआत पांडिचेरी से होगी जहां जूनियर लेबल पर खतरनाक तेज गेंदबाज तैयार किए जाएंगे। इसके लिए एमपी के तेज गेंदबाज संजय पाण्डेय को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
एशिया कप में पाकिस्तान के तेज गेंदबाजों का जलवा दिख रहा है। टूर्नामेंट में शाहीन अफरीदी, नसीम शाह और हारिस रऊफ ने कमाल का प्रदर्शन किया है। इससे पहले भी पाकिस्तान के पास इमरान खान, वसीम अकरम, वकार युनूस और शोएब अख्तर जैसे पेसर्स रहे हैं। अब ऐसी खतरनाक पेस बैटरी भारत में भी तैयार करने की कवायद की जा रही है। इसकी शुरुआत पांडिचेरी से होगी जहां जूनियर लेबल पर खतरनाक तेज गेंदबाज तैयार किए जाएंगे। इसके लिए एमपी के तेज गेंदबाज संजय पाण्डेय को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
टीम इंडिया में पाकिस्तान जैसे फ़ास्ट बॉलर्स इक्का दुक्का ही रहे हैं। उनकी
तेज गेंदबाजों की हाल की तिकड़ी के मुकाबले हमारे पास जसप्रीत बुमराह और सिराज ही हैं। देश में फ़ास्ट बॉलर्स की ये कमी जल्द पूरी की जाएगी।
बीसीसीआई के एक क्रिकेट कोच इसके लिए पांडिचेरी के खिलाड़ियों को तराशेंगे। बीसीसीआई के लेवल-2 क्रिकेट कोच संजय पांडेय को पांडिचेरी टीम का हेड कोच बनाया गया है।
भारतीय स्टेट बैंक, उदयांचल शाखा में डिप्टी मैनेजर के रूप में पदस्थ संजय पांडेय को क्रिकेट एसोसिएशन आफ पांडिचेरी ने ये दायित्व दिया है। क्रिकेट एसोसिएशन आफ पांडिचेरी ने उन्हें अपनी अंडर-23 टीम का हेड कोच नियुक्त किया है। इसके साथ ही एसोसिएशन द्वारा उन्हें पांडिचेरी की रणजी टीम, अंडर-19, अंडर-23 टीम के अलावा महिलाओं की सीनियर व जूनियर टीम के तेज गेंदबाजी कोच की जिम्मेदारी भी सौंपी है। संजय पांडेय के माध्यम से पांडिचेरी के क्रिकेट प्रशासक की मंशा तेज गेंदबाजों की तलाश करने और उनका हुनर तराशने की है।
संजय पांडेय ने एमपी की ओर से कई सालों तक तेज गेंदबाजी की बागडोर संभाली है। उन्होंने 15 वर्षों तक घरेलू क्रिकेट में तेज गेंदबाज के रूप में 72 प्रथम श्रेणी मैचों में 240 विकेट अर्जित किए हैं। वह एमपी की ओर से घरेलू क्रिकेट में 200 विकेट चटकाने वाले पहले तेज गेदबाज हैं। संजय पांडेय बीसीसीआई के लेवल-2 क्रिकेट कोच हैं।