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बिजली चोरी की सूचना देने वाले को मिलेगा इनाम, नाम भी रहेगा गोपनीय, जानें स्कीम

Electricity Reward Scheme : बिजली चोरी की जानकारी देने वाले को कंपनी द्वारा इनाम दिया जाता है। कंपनी मुख्यालय से प्रोत्साहन राशि सीधे सूचनाकर्ता के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। जानें क्या है ये खास स्कीम।
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भोपाल

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 30 May 2024, 1:36 PM IST

Electricity Reward Scheme

इन दिनों मध्य प्रदेश की मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ( Central Region Electricity Distribution Company ) बिजली चोरी ( electricity theft ) की घटनाओं से खासा परेशान है। ऐसे में बिजली चोरी के प्रभावी रोकथाम और बिजली के अवैध इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए विभाग की ओर से पारितोषिक योजना ( Reward Scheme ) शुरु की जा रही है। योजना के तहत कोई भी व्यक्ति बिजली के अवैध इस्तेमाल के संबंध में सूचना कंपनी मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय में मुख्य महाप्रबंधक और वृत्त कार्यालय के महाप्रबंधकों को लिखित और मोबाइल पर दे सकता है। कंपनी की वेबसाइट portal.mpcz.in पर ऑनलाइन सूचना भी दे सकते हैं।

सफल सूचनाकर्ता को उपभोक्ता द्वारा विद्युत चोरी की क्षतिपूर्ति की पूरी राशि जमा होने पर बिल की राशि का 10 फीसदी पारितोषिक के रूप में दिया जाएगा। कंपनी वेबसाइट पर इनफॉर्मर स्कीम पर क्लिक करके, सूचनाकर्ता द्वारा गुप्त सूचना दर्ज की जा सकती है। इसके अतिरिक्त उपाय एप के जरिए भी बिजली चोरी की सूचना दी जा सकती है। हालांकि, बिजली कंपनी की ये योजना जनवरी 2019 से चल रही है। योजना के अंतर्गत सूचनाकर्ता के संबंध में जानकारी पूरी तरह से गोपनीय रखी जाने का प्रावधान है। कंपनी मुख्यालय से प्रोत्साहन राशि भी सूचनाकर्ता के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।

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नोडल अधिकारी के जरिए से पंजीकरण

उन शिकायतों पर तत्परता से कार्रवाई किए जाने के लिये कंपनी मुख्यालय के द्वारा सतत रूप से निगरानी रखी जाती है। फर्म, एजेंसी, संगठन भी सूचनाकर्ता हो सकते हैं, जिन्हें कंपनी मुख्यालय में पदस्थ नोडल अधिकारी के जरिए से पंजीकरण कराना होता है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली चोरी की रोकथाम के लिए इनाम योजना सूचनाकर्ता को तय शर्तों के आधार पर ही इनाम राशि दी जाती है। राशि वसूली होने पर सफल सूचनाकर्ता को 10 फीसदी राशि का भुगतान किया जाता है। प्रकरण बनाने और राशि वसूली करने वाले विभागीय अधिकारी और कर्मचारियों को भी 2.5 फीसदी राशि प्रोत्साहन के रूप में दी जाती है।